ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि देश अब किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पहले से कहीं ज्यादा तैयार है। इजराइल के साथ 12 दिन चले हालिया युद्ध के बाद यह बयान तब आया है जब अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम को चार महीने हो चुके हैं। अराघची ने साफ किया कि ईरान युद्ध की शुरुआत नहीं करेगा, लेकिन अगर हमला हुआ तो जवाब देने में देर नहीं करेगा।
अराघची ने अमेरिका-आधारित पत्रकार दरियूश सज्जादी से बातचीत में कहा कि तैयार रहना और जंग छेड़ना, दोनों अलग बातें हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप तैयार हैं, तो कोई हमला करने की हिम्मत नहीं करता।” विदेश मंत्री के मुताबिक, ईरान का लक्ष्य केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि किसी पर आक्रामक रुख अपनाना। उन्होंने भरोसा जताया कि इजराइल के साथ हुआ 12 दिन का संघर्ष दोबारा नहीं दोहराया जाएगा।
अराघची ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उठ रही चिंताओं पर भी जवाब दिया। उनका कहना है कि देश का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार बनाने का उद्देश्य नहीं रखता। हालांकि, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने इस पर संदेह जताया है, क्योंकि ईरान ने अब तक क्षतिग्रस्त परमाणु स्थलों तक निरीक्षकों को पहुंचने की अनुमति नहीं दी है।
अमेरिका के साथ चल रही तनातनी पर अराघची ने कहा कि ईरान ने हमेशा बातचीत का रास्ता खुला रखा है, लेकिन वॉशिंगटन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने बार-बार समझौते तोड़े हैं और अव्यावहारिक मांगें रखी हैं। फिर भी, उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका आपसी सम्मान और ईमानदारी के साथ आगे आता है, तो ईरान एक “तार्किक और संतुलित समझौते” के लिए तैयार रहेगा।
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