May 1, 2026

भारत-ए टीम ने ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ बनाया 413 रन का पहाड़ जैसा स्कोर, अय्यर-आर्या ने जड़े शतक

भारत और ऑस्ट्रेलिया की ए टीमों के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का आगाज कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में हुआ, जहां भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन कर क्रिकेटप्रेमियों को रोमांचित कर दिया। इस पहले अनऑफिशियल वनडे में भारत-ए की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 413 रन बनाए और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। भारतीय बल्लेबाजों की आतिशी पारियों की बदौलत यह मुकाबला ऐतिहासिक बन गया, क्योंकि टीम ने पुरुषों के लिस्ट-ए मैचों में तीसरी बार 400 से अधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड कायम किया।

 

मैच की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया-ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया, लेकिन यह फैसला पूरी तरह गलत साबित हुआ। भारत-ए के ओपनर प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह ने शानदार शुरुआत दी। प्रभसिमरन ने 53 गेंदों पर 56 रन बनाए और आर्या के साथ पहले विकेट के लिए 135 रनों की साझेदारी की। प्रियांश आर्या ने अपने शतक से सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने महज 84 गेंदों में 101 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 5 छक्के शामिल थे।

 

इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी मोर्चा संभाला और अपने अनुभव का शानदार नमूना पेश किया। अय्यर ने 83 गेंदों पर 110 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 12 चौके और 4 छक्के जड़े। उनकी यह कप्तानी पारी विपक्षी गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी रही। वहीं, रियान पराग ने भी तेजतर्रार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और सिर्फ 42 गेंदों में 67 रन बना डाले, जिसमें 5 चौके और 5 छक्के शामिल थे।

 

मध्यक्रम में आयुष बडोनी ने भी शानदार फिनिशिंग टच दिया। उन्होंने 27 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए और टीम के स्कोर को 400 से ऊपर पहुंचा दिया। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 3 छक्के जड़े। भारतीय बल्लेबाजों ने मिलकर 19 छक्के और 39 चौके लगाए, जिसने दर्शकों को पूरा मनोरंजन दिया और विपक्षी टीम को पूरी तरह दबाव में ला दिया।

 

यह मुकाबला न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर भारत-ए की ताकत को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि घरेलू सर्किट में उभरते खिलाड़ी बड़े मंच पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। भारत-ए की यह पारी इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के पास कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं। खास बात यह है कि अभी तक किसी भी देश की ए टीम ने एक से ज्यादा बार 400+ का स्कोर नहीं बनाया है, लेकिन भारत-ए ने यह उपलब्धि तीन बार हासिल कर एक नया इतिहास रच दिया है।

 

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