May 1, 2026

GST Collection: सितंबर में सरकार को मिली बड़ी राहत, 1.89 लाख करोड़ रुपए खजाने में आए

देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने वाली खबर सामने आई है। सितंबर 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) का कलेक्शन बढ़कर ₹1.89 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यह आंकड़ा पिछले साल सितंबर के मुकाबले कहीं ज्यादा है, जब सरकार को ₹1.73 लाख करोड़ की आमदनी हुई थी। लगातार दूसरा महीना है जब जीएसटी राजस्व ₹1.85 लाख करोड़ से ऊपर बना हुआ है। अगस्त 2025 में भी सरकार को 1.86 लाख करोड़ की प्राप्ति हुई थी। यह वृद्धि सालाना आधार पर 6.5% की मजबूती को दर्शाती है।

 

वित्त वर्ष 2025 के शुरुआती छह महीनों में सरकार के खजाने को भारी मजबूती मिली है। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच कुल जीएसटी कलेक्शन ₹12.1 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 9.8% ज्यादा है। नेट जीएसटी रेवेन्यू, यानी टैक्स कटौती के बाद सरकार को मिली वास्तविक आमदनी, 10.4 लाख करोड़ रही। इसमें भी 8.8% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई है। इस वृद्धि से साफ है कि सरकार को अपने राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने में आसानी होगी और आर्थिक मोर्चे पर और मजबूती मिलेगी।

 

सितंबर में आईजीएसटी (Integrated GST) कलेक्शन ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। इस महीने IGST से ₹1,01,883 करोड़ की आमदनी हुई, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे पहले जनवरी 2025 में यह रिकॉर्ड ₹1,01,075 करोड़ का था। यह साफ संकेत है कि देश के राज्यों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान तेज हुआ है और व्यापारिक गतिविधियों में मजबूती आई है।

 

हालांकि, इस अवधि में सेस कलेक्शन में गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल में जहां सेस ₹13,451 करोड़ रहा था, वहीं सितंबर में यह घटकर ₹11,652 करोड़ पर आ गया। लगातार कमी के बावजूद कुल जीएसटी कलेक्शन पर इसका बहुत बड़ा असर नहीं पड़ा। दरअसल, त्योहारों के सीजन में बाजारों की रौनक बढ़ने से अगस्त और सितंबर के दौरान कुल जीएसटी कलेक्शन ₹3.8 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि से 7.8% ज्यादा है। यह दिखाता है कि त्योहारों के समय लोगों की खरीदारी ने सरकार की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

 

सितंबर की शुरुआत में जीएसटी परिषद ने कर प्रणाली में बड़ा बदलाव किया। पहले चार स्लैब – 5%, 12%, 18% और 28% लागू थे, लेकिन अब इन्हें घटाकर सिर्फ दो मुख्य स्लैब 5% और 18% कर दिए गए हैं। इसके अलावा, सिन और लग्जरी सामानों पर 40% कर लगाया गया है। यह नया नियम 22 सितंबर से लागू हुआ है। इसका मकसद टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, कारोबारियों को राहत देना और उपभोक्ताओं को कर ढांचे में सहजता उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से टैक्स अनुपालन और आसान होगा और आने वाले महीनों में जीएसटी कलेक्शन में और मजबूती देखने को मिल सकती है।

 

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