महाराष्ट्र में मंत्रियों की फोन टैपिंग का आरोप, रोहित पवार बोले- डर से फोन बंद कर रहे मंत्री, अजित पवार ने मांगे सबूत
महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल के बीच फोन टैपिंग का गंभीर मुद्दा सामने आया है। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि महायुति सरकार के कुछ मंत्रियों ने इस डर से अपने फोन बंद कर दिए हैं कि कहीं उनकी जासूसी न हो रही हो। उनके इस दावे से राज्य की सियासत में नई बहस छिड़ गई है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं तेज हैं।
रोहित पवार ने यह बयान ऐसे वक्त पर दिया है जब शिवसेना (यूबीटी) पहले ही यह दावा कर चुकी है कि महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में फेरबदल की योजना है और कुछ मंत्रियों को हटाया भी जा सकता है। इसी के बीच रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कई मंत्रियों के फोन बंद हैं, जिससे यह अफवाह जोर पकड़ रही है कि वे फोन टैपिंग के डर से ऐसा कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिन ही बताएंगे कि यह आरोप सही है या सिर्फ कानाफूसी।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आरोप लगाना सभी का अधिकार है, लेकिन जब कोई इस तरह के आरोप लगाता है तो उसे सबूत भी पेश करने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि रोहित पवार किस आधार पर राज्य के मंत्रियों पर फोन टैपिंग का आरोप लगा रहे हैं और क्या उनके पास इसके कोई तथ्यात्मक प्रमाण हैं।
इस विवाद के पीछे मंत्रिमंडल फेरबदल की पृष्ठभूमि भी अहम मानी जा रही है। खबर है कि भाजपा नेतृत्व ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ दिल्ली में एक अहम बैठक की, जिसमें प्रदर्शन के आधार पर मंत्रियों की समीक्षा की गई। सूत्रों का कहना है कि बैठक में यह फैसला हुआ है कि जिन मंत्रियों का प्रदर्शन पिछले छह महीनों में कमजोर रहा है या जिनके कारण सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है, उन्हें हटाया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि महायुति गठबंधन के कम से कम आठ मंत्रियों को हटाने पर विचार चल रहा है, जिनमें से अधिकतर एकनाथ शिंदे गुट के हो सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति को गर्मा दिया है, और अब यह देखना होगा कि रोहित पवार के आरोपों को लेकर आगे क्या राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं और क्या मंत्रिमंडल फेरबदल वास्तव में होता है या नहीं।
Share this content:
