लखनऊ नगर निगम की बैठक: बजट 3270 करोड़, सुनीता विलियम्स मार्ग का ऐलान
लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक सोमवार को मेयर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में नगर निगम मुख्यालय में संपन्न हुई। इस बैठक में कई अहम और ऐतिहासिक फैसले लिए गए। बैठक के दौरान नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर चर्चा की गई, जिसमें शहर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव किया गया।
बैठक में तय किया गया कि लखनऊ में एक प्रमुख सड़क का नाम अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के नाम पर रखा जाएगा। यह प्रस्ताव पार्षद अनुराग मिश्रा और रंजीत सिंह द्वारा पेश किया गया था। जानकीपुरम वार्ड के टेढ़ी पुलिया चौराहे से स्पोर्ट्स कॉलेज और टेढ़ी पुलिया से विकास नगर तिराहे (इसरो कार्यालय) तक जाने वाली सड़क को अब ‘सुनीता विलियम्स मार्ग’ के नाम से जाना जाएगा। सुनीता विलियम्स की नाम पर यह सड़क लखनऊ के इतिहास में एक अहम कदम साबित होगा।
सुनीता विलियम्स, जो कि नासा की एक भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री हैं, हाल ही में 19 मार्च को अपने नौ महीने के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के मिशन के बाद धरती पर वापस लौटीं। उनकी वापसी को दुनिया भर में एक ऐतिहासिक पल के रूप में मनाया गया था। सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर को तकनीकी खराबी के कारण अपने मिशन को एक हफ्ते से बढ़ाकर नौ महीने तक जारी रखना पड़ा था। सुनीता की सुरक्षित वापसी ने एक नई उम्मीद और प्रेरणा का संचार किया है, जिसके बाद लखनऊ नगर निगम ने यह निर्णय लिया है।
पार्षद निधि में वृद्धि, विकास कार्यों में नई पहल
इसके अलावा, बैठक में पार्षदों की निधि को बढ़ाकर 2 करोड़ 10 लाख रुपए कर दिया गया है। पहले यह निधि 1 करोड़ 47 लाख रुपए थी। यह वृद्धि शहर के विकास कार्यों के लिए की गई है, ताकि पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को और प्रभावी रूप से करवा सकें। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्षद अब सहमति से दूसरे वार्डों में भी विकास कार्य करा सकेंगे, जिससे शहर का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
3270 करोड़ का बजट, शहर की सफाई और जल निकासी पर खास जोर
नगर निगम का 2025-26 का बजट 3270.54 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। इस बजट में शहर की सफाई व्यवस्था, जल निकासी, स्कूलों की मरम्मत, पार्कों की देखरेख और डिजिटल प्रशासन में बड़े बदलाव किए जाने की योजना बनाई गई है। इस बजट में 3 करोड़ से 4 करोड़ रुपए का प्रावधान ई-ऑफिस के लिए रखा गया है, जिससे नगर निगम के कार्यों में डिजिटल पहल को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि नगर निगम का ओपनिंग बैलेंस 966 करोड़ रुपए है, जिससे कुल बजट 4236.63 करोड़ रुपए हो गया है। इस विशाल बजट से शहर के हर क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा, जिससे लखनऊ को एक स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।
शहर के विकास में नए बदलाव और महत्वाकांक्षी योजनाएँ
लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में लिए गए इन फैसलों ने शहर के विकास के नए अध्याय की शुरुआत की है। सुनीता विलियम्स के नाम पर सड़क का नामकरण और पार्षद निधि में वृद्धि से यह स्पष्ट है कि नगर निगम अपने संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर शहर को और विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, बढ़े हुए बजट के साथ शहर की सफाई, जल निकासी और पार्कों की देखरेख में सुधार के साथ-साथ डिजिटल प्रशासन की दिशा में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
अब यह देखना होगा कि इन फैसलों के परिणाम लखनऊ की जनता के लिए किस तरह के विकास और सुधार लेकर आते हैं और नगर निगम किस हद तक इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करता है।
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