न्यूजीलैंड में तेज भूकंप के झटके, साउथ आइलैंड पर मची हलचल; राहत कार्य जारी
न्यूजीलैंड में आज दोपहर को आए भूकंप के कारण देशभर में हलचल मच गई। रिवर्टन तट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 6.8 मापी गई, जो साउथ आइलैंड के दक्षिण-पश्चिमी किनारे से 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर आया था। फिलहाल, भूकंप के कारण किसी प्रकार के हताहत की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन अधिकारियों ने तटरेखा के पास संभावित नए भूकंप के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है।
भूकंप के बाद अलर्ट जारी, राहत कार्य शुरू
यूएसजीएस (United States Geological Survey) ने इस भूकंप की तीव्रता 6.8 रिकॉर्ड की है और बताया है कि भूकंप का केंद्र साउथ आइलैंड के दक्षिणी-पश्चिमी कोने से था। जियोनेट वेबसाइट के मुताबिक, यह भूकंप 2:43 बजे आया था, जिसके बाद निचले दक्षिण द्वीप के लिए इमरजेंसी मैसेज अलर्ट भेजा गया। आपातकालीन प्रबंधन और रिकवरी मंत्री मार्क मिशेल ने बताया कि अलर्ट को इस क्षेत्र में जारी किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश देते हुए कहा कि तटरेखा के पास रहने वाले लोग सतर्क रहें और अभी अपने घरों से बाहर न निकलें।
भूकंप के कारण संभावित खतरों की चेतावनी
न्यूजीलैंड भूकंपीय रूप से बहुत सक्रिय क्षेत्र में आता है। यह क्षेत्र ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत प्लेटों के बीच स्थित है, जो लगातार आपस में अभिसरण करते रहते हैं, इस वजह से यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। यूएसजीएस के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया प्लेट का पूर्वी किनारा इस प्रक्रिया के कारण दुनिया के सबसे अधिक भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों में से एक है।
न्यूजीलैंड में भूकंपों का इतिहास: 1931 में आया था सबसे बड़ा भूकंप
न्यूजीलैंड में भूकंपों का इतिहास बहुत पुराना है और यहां पिछले कुछ दशकों में कई बड़े भूकंप आए हैं। 1900 के बाद से, न्यूजीलैंड के आसपास 7.5 या उससे अधिक तीव्रता वाले लगभग 15 भूकंप के मामले सामने आए हैं। इनमें से सबसे बड़े भूकंप 1989 में मैक्वेरी रिज पर आए थे, जिसमें 8.2 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप भी शामिल था।
न्यूजीलैंड में अब तक का सबसे बड़ा भूकंप 1931 में आया था, जब हॉक्स बे में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 256 लोगों की जान चली गई थी। यह भूकंप न्यूजीलैंड के इतिहास में सबसे विनाशकारी साबित हुआ।
किसी भी वक्त भूकंप आने की संभावना
वर्तमान में, न्यूजीलैंड के साउथ आइलैंड में आए भूकंप के बाद सरकार और आपातकालीन सेवाएं स्थिति पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में भूकंपों की गतिविधियां कभी भी पुनः तेज हो सकती हैं, और तटरेखा के पास किसी भी वक्त एक और भूकंप आ सकता है। इस संदर्भ में स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की है और उम्मीद जताई है कि स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी।
भूकंप के झटकों ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि न्यूजीलैंड प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है, और यहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहते हैं।
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