विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अर्जुन तेंदुलकर का खराब फॉर्म लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। इस प्रतिष्ठित घरेलू वनडे टूर्नामेंट में जहां युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाकर राष्ट्रीय टीम की दावेदारी मजबूत करते हैं, वहीं अर्जुन तेंदुलकर के लिए यह सीजन अब तक निराशाजनक साबित हुआ है। शुभमन गिल की अगुवाई वाली पंजाब की टीम के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भी अर्जुन बल्ले से कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके और बेहद जल्दी पवेलियन लौट गए।
पंजाब के खिलाफ इस मैच में गोवा की टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम को अच्छी शुरुआत की उम्मीद थी और इसी इरादे से अर्जुन तेंदुलकर को कश्यप बाकले के साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, उम्मीदों के उलट अर्जुन का खराब फॉर्म एक बार फिर सामने आ गया। वह पंजाब के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए और 10 गेंदों के भीतर ही उनका विकेट गिर गया। यह इस टूर्नामेंट में उनका अब तक का सबसे छोटा स्कोर भी रहा।
बाएं हाथ के बल्लेबाज अर्जुन तेंदुलकर ने इस मुकाबले में सिर्फ 8 गेंदों का सामना किया और महज 1 रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें पंजाब के गेंदबाज सुखदीप बाजवा ने आउट किया, जहां प्रभसिमरन सिंह ने उनका कैच लपका। इस तरह अर्जुन की पारी बेहद निराशाजनक रही और गोवा की टीम को शुरुआती झटका लगा। इससे पहले भी अर्जुन टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं कर पाए थे, लेकिन पंजाब के खिलाफ उनका यह प्रदर्शन सबसे कमजोर माना जा रहा है।
अगर विजय हजारे ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में अर्जुन तेंदुलकर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो स्थिति और भी स्पष्ट हो जाती है। उन्होंने अब तक खेले गए 5 मैचों की 5 पारियों में कुल 53 रन बनाए हैं। इनमें से 3 पारियां उन्होंने ओपनर के तौर पर खेलीं, जबकि 2 पारियों में उन्हें मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी का मौका मिला। इन सभी पारियों में उनका सर्वाधिक स्कोर सिर्फ 24 रन रहा है, जो उन्होंने मुंबई के खिलाफ ओपनिंग करते हुए बनाया था।
अर्जुन तेंदुलकर के नाम और पहचान को देखते हुए उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन मौजूदा सीजन में वह अपनी लय नहीं पकड़ पाए हैं। लगातार कम स्कोर और जल्दी आउट होने की वजह से न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत फॉर्म पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि गोवा की टीम की बल्लेबाजी भी कमजोर होती दिख रही है। आने वाले मैचों में अर्जुन के पास खुद को साबित करने का मौका जरूर होगा, लेकिन इसके लिए उन्हें तकनीकी और मानसिक दोनों स्तर पर सुधार करना होगा, ताकि वह इस खराब दौर से बाहर निकल सकें।
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