बॉलीवुड के इतिहास में कई बार सुपरस्टार्स की फिल्मों की टक्कर देखने को मिली है, लेकिन साल 2012 की दिवाली का मुकाबला सबसे यादगार रहा। उस दिन शाहरुख खान की ‘जब तक है जान’ और अजय देवगन की ‘सन ऑफ सरदार’ एक ही दिन रिलीज हुई थीं। दोनों ही फिल्मों को लेकर जबरदस्त क्रेज था, लेकिन ये क्लैश सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहा—इसने अजय और यशराज फिल्म्स (YRF) के रिश्तों में भी दरार डाल दी।
13 नवंबर 2012 को जब दोनों फिल्मों ने सिनेमाघरों में एंट्री की, तो इंडस्ट्री में माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया था। एक तरफ अजय देवगन की एक्शन-कॉमेडी ‘सन ऑफ सरदार’ थी, जिसे उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी ADF के बैनर तले बनाया था। वहीं दूसरी तरफ, यशराज फिल्म्स की रोमांटिक ड्रामा ‘जब तक है जान’ में शाहरुख खान, कटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा लीड रोल में थे।
अजय ने पहले अपनी फिल्म की रिलीज डेट तय कर दी थी, लेकिन YRF ने उसी दिन शाहरुख की फिल्म लाने का ऐलान कर दिया। यही बात अजय को खटक गई। उन्होंने YRF पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए ज्यादातर थिएटर स्क्रीन ‘जब तक है जान’ को दे दिए, जिससे ‘सन ऑफ सरदार’ को नुकसान हुआ।
क्लैश के बावजूद दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन आंकड़ों में शाहरुख की फिल्म बाजी मार गई। लगभग 79 करोड़ की लागत से बनी ‘जब तक है जान’ ने दुनियाभर में 235 करोड़ रुपये की कमाई की। जबकि 30 करोड़ के बजट में बनी ‘सन ऑफ सरदार’ ने करीब 161 करोड़ रुपये का बिजनेस किया। साफ था कि बॉक्स ऑफिस की इस जंग में किंग खान ही विजेता बने।
अजय देवगन इस मामले को यहीं खत्म नहीं होने देना चाहते थे। उन्होंने यशराज फिल्म्स के खिलाफ कॉम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) में शिकायत दर्ज करवाई। अजय का दावा था कि YRF ने थिएटर मालिकों पर दबाव डालकर अपनी फिल्म को ज्यादा स्क्रीन दिलाई। हालांकि, जांच में YRF को कोई दोषी नहीं पाया गया, लेकिन इस विवाद ने लंबे समय तक दोनों पक्षों के बीच ठंडे रिश्ते बनाए रखे।
आज भले ही दोनों स्टार्स अपने-अपने रास्तों पर आगे बढ़ चुके हों, लेकिन 2012 की यह दिवाली बॉक्स ऑफिस के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगी—जब शाहरुख और अजय आमने-सामने आए थे, और “KING” का ताज एक बार फिर SRK के सिर सजा था।
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