“जब गोलियों की आवाज़ बनी सिनेमा की कहानी: ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ की असली कहानी जितनी डरावनी, उतनी ही कामयाब भी!”
2007 में जब शूटआउट एट लोखंडवाला रिलीज़ हुई थी, तब बहुतों को नहीं पता था कि यह फिल्म किसी काल्पनिक गैंगवॉर पर नहीं, बल्कि एक सच्ची और भयानक मुठभेड़ पर आधारित है। इस फिल्म में दिखाई गई हर गोली, हर एनकाउंटर और हर किरदार की जड़ें 1991 के उस दिन से जुड़ी हैं, जब मुंबई के लोखंडवाला कॉम्पलेक्स में एक भीषण पुलिस कार्रवाई हुई थी।
इस ऑपरेशन की अगुवाई की थी मुंबई पुलिस के दबंग अफसर आफताब अहमद खान ने, और उनके नेतृत्व में कई मोस्ट वांटेड गैंगस्टर्स को एक ही बिल्डिंग में घेरकर मार गिराया गया। यह मुठभेड़ जितनी विवादित रही, उतनी ही ऐतिहासिक भी। और इसी पर आधारित थी अपूर्व लाखिया द्वारा निर्देशित फिल्म, जिसमें विवेक ओबरॉय ने मायाभाई का किरदार निभाया — एक ऐसा गैंगस्टर जो दाऊद इब्राहिम से अलग होकर खुद की गैंग बनाता है और फिर बन जाता है पुलिस के निशाने पर।
फिल्म में संजय दत्त, सुनील शेट्टी और अभिषेक बच्चन जैसे सितारों ने पुलिसवालों की भूमिका निभाई, तो वहीं तुषार कपूर, शबीर आहलूवालिया और रोनित रॉय जैसे कलाकारों ने गैंगस्टर्स का साथ निभाया। दिलचस्प बात यह है कि इस स्क्रिप्ट को शुरुआत में कई बड़े स्टार्स ने करने से मना कर दिया था, क्योंकि इसका प्लॉट काफी कच्चा और खतरनाक माना जा रहा था।
लेकिन जब फिल्म रिलीज़ हुई, तो इसने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर 44.76 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की, बल्कि यह विवेक ओबरॉय की सबसे चर्चित फिल्मों में गिनी जाने लगी। महज़ 17 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म कमाई के मामले में हिट रही।
इसके गाने भी उस समय खूब पसंद किए गए — ‘ऐ गणपत चल दारू ला’, ‘मेरे यार’ और ‘सोने दे मां’ जैसे गानों ने फिल्म को युवाओं में और पॉपुलर बना दिया।
फिल्म में जिस तरह से मायाभाई और उसके साथियों का एनकाउंटर दिखाया गया है, वह एक पल के लिए भी काल्पनिक नहीं लगता। फिल्म में दिखाया गया हर मोड़ आपको 90 के दशक के उस खौफनाक दौर में ले जाता है, जब अंडरवर्ल्ड का दबदबा मुंबई की सड़कों पर साफ नजर आता था।
अगर आपने ये फिल्म अब तक नहीं देखी है, तो यह यूट्यूब पर फ्री में उपलब्ध है। एक ऐसी कहानी जो रील और रियल के बीच की दीवार को बेहद महीन बना देती है — ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उस दौर का एक गवाह है जिसे शायद हम भूलना तो चाहें, लेकिन नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।
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