भारतीय ज्योतिष और शकुन शास्त्र में पशु-पक्षियों की गतिविधियों को बेहद अहम माना गया है। मान्यता है कि प्रकृति हमें आने वाली शुभ या अशुभ घटनाओं के संकेत पहले ही दे देती है, लेकिन अक्सर लोग इन्हें संयोग समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। शकुन शास्त्र के अनुसार कुछ पक्षियों का बार-बार घर के आसपास दिखाई देना किसी बड़ी परेशानी, अनहोनी या नकारात्मक ऊर्जा की ओर इशारा कर सकता है।
शकुन शास्त्र में चील को परलोक और मृत आत्माओं से जोड़ा गया है। अगर चील बार-बार घर के ऊपर मंडराती दिखे या आते-जाते समय लगातार नजर आए, तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है। मान्यता है कि यह पितृ दोष या पितरों की असंतुष्टि की ओर इशारा करता है। ऐसे में घर में पूजा-पाठ, तर्पण और पितृ शांति के उपाय करने की सलाह दी जाती है।
अगर अचानक आपके घर की छत या आसपास बड़ी संख्या में कौए शोर मचाते हुए दिखाई दें, तो यह भी शुभ नहीं माना जाता। शकुन शास्त्र के अनुसार, यह किसी बड़ी मुसीबत या घर में अनहोनी होने का संकेत हो सकता है। वहीं, यदि कौए किसी मृत शरीर के पास या असामान्य रूप से एकत्र दिखें, तो इसे भविष्य में किसी बुरी खबर के मिलने का इशारा माना जाता है।
चमगादड़ का घर में आना या बार-बार दिखना भी अशुभ संकेतों में गिना जाता है। रात में सक्रिय रहने वाले चमगादड़ों को नकारात्मक शक्तियों और पितृ दोष से जोड़कर देखा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, घर में चमगादड़ का नजर आना धन हानि, पारिवारिक कलह, बीमारी या मानसिक अशांति की ओर इशारा करता है।
इसके अलावा टिटहरी का घर के आसपास जोर-जोर से बोलना या छत पर बैठना भी अपशकुन माना जाता है। शकुन शास्त्र के अनुसार, यह किसी बड़े विवाद, अनहोनी या यहां तक कि मृत्यु से जुड़ी सूचना का संकेत हो सकता है। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय सावधानी बरतने और सकारात्मक उपाय करने की सलाह दी जाती है।
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