चायनीज SH-15 से पाकिस्तान दे रहा भारत को धमकी… पर क्या ये वज्र की गड़गड़ाहट के आगे टिक पाएगा? युद्ध से पहले हथियारों की असली परीक्षा शुरू…
इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच तनाव अपनी चरम सीमा पर है। 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 हिंदू तीर्थयात्रियों की मौत के बाद से भारत, पाकिस्तान को सबक सिखाने के पूरे मूड में है। पाकिस्तान जानता है कि जवाब जरूर मिलेगा, लेकिन कब और कैसे—ये अनिश्चितता उसे बेचैन कर रही है। इस बेचैनी में अब पाकिस्तान प्रोपेगेंडा वॉर का सहारा ले रहा है। एक ओर वह भारत पर हमले का डर दिखा रहा है, तो दूसरी ओर अपने हथियारों को लेकर डींगें भी हाँक रहा है। फिलहाल पाकिस्तानी सोशल मीडिया और टीवी डिबेट्स पर एक नाम सबसे ज़्यादा घूम रहा है—SH-15 चायनीज हॉवित्जर तोप।
पाकिस्तान का दावा है कि SH-15 व्हील्ड हॉवित्जर उसकी ताकत का प्रतीक है और युद्ध की स्थिति में यह भारत के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभा सकता है। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? आइए देखते हैं कि ज़मीन पर ये तोप कितनी दमदार है, और क्या यह भारत की ताकतवर K-9 वज्र के सामने टिक सकती है?
SH-15 को पाकिस्तान ने चीन से मंगवाया है। यह 155mm/52 कैलिबर की व्हील्ड हॉवित्जर तोप है, जिसे 6×6 ट्रक चेसिस पर फिट किया गया है। इसका वजन करीब 22 टन है और यह सड़क पर 90 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती है। इसकी फायरिंग रेंज करीब 20 किमी (नॉर्मल) और रॉकेट असिस्टेड शेल के साथ 53 किमी तक है। यह हल्की होने के कारण तेजी से मूव कर सकती है, लेकिन इसकी कमजोरी यह है कि यह पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ इलाकों में ज्यादा काम की नहीं है।
अब बात करते हैं भारत की K-9 वज्र की—जिसे भारत ने दक्षिण कोरियाई K-9 थंडर को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मॉडिफाई करके बनाया है। यह एक ट्रैक्ड हॉवित्जर है, यानी यह ऑफ-रोड, ऊँचे-नीचे इलाकों, खासकर कश्मीर जैसे क्षेत्रों में आसानी से मूव कर सकती है। इसका वजन करीब 47 टन है और रफ्तार 67 किमी/घंटा तक है। K-9 वज्र की फायरिंग रेंज 30-40 किमी (HE) और 60 किमी (VLAP) तक है—जो कि SH-15 से कहीं ज़्यादा है। इसका कवच भी इसे दुश्मन की गोलियों और शेल्स से बेहतर सुरक्षा देता है।
सिर्फ हथियारों की बात नहीं, बल्कि रणनीति की बात करें तो पाकिस्तान इस समय लगातार युद्धाभ्यास कर रहा है—जैसे फिजा-ए-बद्र, ललकार-ए-मोमिन और जर्ब-ए-हैदेरी। हाल ही में उसने अब्दाली मिसाइल का परीक्षण भी किया है, जिसकी रेंज 450 किमी है। दूसरी ओर भारत न सिर्फ सैन्य अभ्यास कर रहा है, बल्कि अपने एयरस्पेस से पाकिस्तान को काट चुका है, वीज़ा सेवाएं निलंबित कर चुका है और सिंधु जल संधि को भी होल्ड पर डाल चुका है।
इन सबके बीच पाकिस्तान SH-15 की ताकत का ढोल पीट रहा है, लेकिन विश्लेषक मानते हैं कि इसका असली मकसद इंटरनेशनल कम्युनिटी की सहानुभूति हासिल करना है, ताकि युद्ध से पहले वह खुद को ‘पीड़ित’ साबित कर सके।
लेकिन भारत की ओर से कोई शोर नहीं… बस शांति से तैयारी। और K-9 वज्र की तैनाती इस बात का संकेत है कि जब हमला होगा, तो उसकी आवाज़ पहाड़ों से गूंजेगी—और SH-15 की चीनी चमक सिर्फ धूल में गुम हो जाएगी।
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