संजय दत्त ने ठुकराई थी सलमान खान, अरबाज और सोहेल की वो फिल्म, जो बाद में फिल्मफेयर में छा गई
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त ने अपने लंबे करियर में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में कीं, लेकिन कुछ ऐसी फिल्मों को भी मना कर दिया जो बाद में बड़े पर्दे पर शानदार साबित हुईं। ऐसी ही एक फिल्म थी साल 1998 में रिलीज हुई ‘प्यार किया तो डरना क्या’, जिसे सलमान खान के छोटे भाई सोहेल खान ने डायरेक्ट किया था। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में अरबाज खान का किरदार शुरू में संजय दत्त को ऑफर किया गया था। उन्हें सलमान खान के साले का रोल मिलना था, लेकिन दत्त ने इस भूमिका को ठुकरा दिया। बाद में यही रोल अरबाज ने निभाया और फिल्म बॉक्स ऑफिस और अवॉर्ड फंक्शन दोनों में चर्चा का केंद्र बन गई।
‘प्यार किया तो डरना क्या’ उस दौर की उन फिल्मों में से एक थी जिसमें सलमान खान और काजोल की जोड़ी ने दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई। फिल्म में गांव, परिवार, प्यार और रिश्तों की जटिलता को हल्का-फुल्का लेकिन आकर्षक अंदाज में दिखाया गया था। संजय दत्त को फिल्म में काजोल के भाई—यानी अरबाज खान वाले किरदार—की पेशकश की गई थी। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, दत्त उस समय सह-कलाकार की भूमिका नहीं करना चाहते थे। उनका फोकस मुख्य भूमिकाओं पर था, इसलिए उन्होंने यह ऑफर ठुकरा दिया। यह फैसला भले ही उनका निजी चुनाव था, लेकिन बाद में अरबाज को इस रोल में स्वीकार किया गया और उन्होंने अपने अंदाज में किरदार को सफलतापूर्वक निभाया।
फिल्म में धर्मेंद्र भी अहम भूमिका में दिखाई दिए थे, जिन्होंने काजोल के चाचा का किरदार निभाया। कहानी में दिखाया गया था कि अरबाज, जो काजोल के बड़े भाई का रोल कर रहे थे, काजोल और सलमान के रिश्ते को स्वीकार नहीं करते। इसके बाद फिल्म में आगे बढ़ती घटनाएं, पारिवारिक भावनाएं और सलमान-काजोल की केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आई। यह फिल्म 90 के दशक की उन कुछ फिल्मों में शामिल थी, जो परिवारिक मनोरंजन और रोमांस—दोनों का सफल मिश्रण थीं। सलमान का स्टाइल, काजोल की मासूमियत और अरबाज के आक्रामक भाई के किरदार ने फिल्म को अलग पहचान दी।
बॉक्स ऑफिस पर भी इस फिल्म का प्रदर्शन बेहद अच्छा रहा। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ का बजट लगभग 8 करोड़ रुपये था, जबकि इसने वर्ल्डवाइड करीब 33.7 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया। उस समय के हिसाब से यह कमाई एक बड़ी सफलता मानी जाती है। फिल्म को दर्शकों और परिवारिक दर्शकों दोनों का साथ मिला और यह साल की हिट फिल्मों में गिनी गई। इसके गाने भी जबरदस्त लोकप्रिय हुए, जिनमें खासकर ‘ओ ओ जाना’ को आज भी बॉलीवुड के रोमांटिक ट्रैक्स की सूची में याद किया जाता है।
फिल्म की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में एक नहीं, बल्कि सात श्रेणियों में नॉमिनेट हुई थी। हालांकि इसे केवल एक अवॉर्ड मिला, जो सिंगर कमाल खान को ‘ओ ओ जाना’ गाने के लिए दिया गया। यह नॉमिनेशन दर्शाता है कि फिल्म ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता बल्कि क्रिटिक्स के बीच भी अपनी मजबूत छाप छोड़ी। संजय दत्त भले ही यह फिल्म नहीं कर पाए, लेकिन अरबाज खान को मिला यह अवसर उनके करियर में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
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