संभल की जामा मस्जिद पर पुताई कार्य जारी, समय सीमा में देरी की संभावना
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित जामा मस्जिद पर चल रहे पुताई कार्य को लेकर हाल ही में एक नई हलचल सामने आई है। मस्जिद की मीनारों और किनारों पर गोल्डन और हरे रंग की पेंटिंग को सफेद रंग से ढका जा रहा है, जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की कड़ी निगरानी में किया जा रहा है। इस पुताई कार्य में अब तक लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन इस काम को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या यह तय समय सीमा में पूरा हो पाएगा।
मस्जिद के सदर जफर अली ने इस काम के बारे में बात करते हुए कहा कि पुताई के दौरान किसी भी रंग पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि हरे और गोल्डन रंग के ऊपर सफेद रंग की पुताई से उन्हें कोई परेशानी नहीं है और ना ही इससे मस्जिद के ऐतिहासिक महत्व पर कोई असर पड़ेगा। जफर अली ने कहा कि इस पुताई काम को निर्धारित समय पर पूरा कर लिया जाता, लेकिन छुट्टियों की वजह से थोड़ी देरी हो रही है।
वहीं, उन्होंने कहा कि पुताई के इस काम के लिए एएसआई से पहले ही अनुमति ली गई थी, और एएसआई ने सफेद रंग की पुताई की मंजूरी दी थी, जिससे पहले से हरे और गोल्डन रंग की पेंटिंग भी सफेद रंग से ढक दी गई है। इस पुताई कार्य के बीच में छुट्टियों का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से काम में कुछ देरी हो रही है। हालांकि, मस्जिद के सदर ने साफ तौर पर कहा कि अगर निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं हो पाता है, तो वे हाई कोर्ट से अतिरिक्त समय की अपील करेंगे।
जफर अली ने आगे बताया कि मस्जिद के पीछे वाले हिस्से की पुताई पूरी हो चुकी है, और अब केवल आगे का हिस्सा रह गया है। उन्होंने कहा कि पुताई का कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा और इसके लिए अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती भी की गई है। अगर काम समय पर पूरा नहीं हो पाया तो वे हाई कोर्ट से निवेदन करेंगे कि पुताई का काम पूरा करने के लिए कुछ और समय दिया जाए।
मस्जिद में पुताई के इस मुद्दे को लेकर कई विवाद उठे हैं, क्योंकि ऐतिहासिक महत्व रखने वाली मस्जिद के रंगों में बदलाव के मामले में एएसआई की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं, जफर अली के बयान से यह स्पष्ट है कि मस्जिद प्रबंधन और एएसआई के बीच कोई विवाद नहीं है, लेकिन कुछ समय की अतिरिक्त आवश्यकता को लेकर अदालत से समय मांगा जा सकता है।
अब यह देखना होगा कि क्या मस्जिद के पुताई कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जा सकेगा, या फिर इस मुद्दे को अदालत के माध्यम से सुलझाया जाएगा।
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