सैफ अली खान हमले मामले में आरोपी की जमानत पर अड़की पुलिस, पेश किए पुख्ता सबूत
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर इसी साल उनके बांद्रा स्थित घर में हुए चाकू हमले के मामले में अब पुलिस ने आरोपी शरीफुल इस्लाम की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया है। पुलिस का दावा है कि उनके पास आरोपी के खिलाफ ठोस फोरेंसिक सबूत हैं, जिनके आधार पर उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
मुंबई की एक सत्र अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि शरीफुल के पास से बरामद चाकू के टुकड़े, सैफ की रीढ़ के पास से निकले चाकू के हिस्से और घटनास्थल से मिले टुकड़े आपस में मेल खाते हैं। यही नहीं, फोरेंसिक रिपोर्ट से पुष्टि होती है कि हमला उसी हथियार से किया गया था जो शरीफुल के पास से मिला था।
घटना 16 जनवरी 2025 की है जब चोरी के इरादे से घर में घुसे शरीफुल ने सैफ अली खान पर चाकू से कई वार किए थे। इसके बाद सैफ को तत्काल लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई और पांच दिन बाद उन्हें डिस्चार्ज किया गया। घटना के दो दिन बाद ही शरीफुल को गिरफ्तार किया गया, जो कि एक बांग्लादेशी नागरिक है और अवैध रूप से भारत में रह रहा था।
पुलिस ने अदालत में यह भी तर्क दिया कि यदि आरोपी को जमानत मिलती है, तो उसके फरार होने की पूरी संभावना है, जिससे मुकदमे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। साथ ही यह भी कहा गया कि अपराध गंभीर प्रकृति का है और सबूतों के अनुसार उसकी संलिप्तता पूरी तरह सिद्ध होती है।
हालांकि, शरीफुल इस्लाम के वकील विपुल दुशिंग ने जमानत याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन पुलिस के पुख्ता सबूतों के चलते अदालत का फैसला फिलहाल लंबित है और इस हाई-प्रोफाइल केस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
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