रूस-यूक्रेन युद्ध: पुतिन के ‘बदले’ ने खारकीव को किया तबाह, यूक्रेन ने मांगा रूस पर वैश्विक बैन
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर भयावह मोड़ ले लिया है। शुक्रवार तड़के रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों पर भीषण हमला किया, जिसमें खारकीव सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। इस हमले को रूस की ‘बदले की कार्रवाई’ कहा जा रहा है, क्योंकि बीते दिनों यूक्रेन ने रूस के भीतर हमलों की गति तेज कर दी थी।
रूसी हमले में सिर्फ खारकीव शहर पर 53 आत्मघाती ड्रोन, 4 गाइडेड बम और 1 मिसाइल दागी गई। इन हमलों में कम से कम 3 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल हुए हैं। खारकीव के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे वहां के लोगों ने पूरी रात बंकरों में छिपकर बिताई।
अन्य शहरों में भी तबाही
रूस ने खारकीव के अलावा डोनेट्स्क, ड्निप्रो, टर्नोपिल और ओडेसा समेत कई अन्य शहरों पर भी हमले किए। इन हमलों में मुख्य रूप से ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, जिससे व्यापक पैमाने पर बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई। यूक्रेन सरकार का आरोप है कि ये हमले नागरिकों को डराने और देश को अस्थिर करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं।
रूस को आतंकी राष्ट्र घोषित करने की मांग
यूक्रेन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस को “आतंकी राष्ट्र” घोषित करने की अपील की है। कीव सरकार का कहना है कि जब तक रूस को वैश्विक मंचों पर अलग-थलग नहीं किया जाएगा और उस पर कड़े प्रतिबंध नहीं लगाए जाएंगे, तब तक ऐसे बर्बर हमले रुकने वाले नहीं हैं।
मानवता के खिलाफ युद्ध?
यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि यह केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि नागरिकों के खिलाफ एक सीधा युद्ध है। रूसी हमले बार-बार महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं, जो युद्ध कानूनों का उल्लंघन है।
अब यूक्रेन अपने सहयोगी देशों से अधिक सैन्य सहायता, रक्षा प्रणाली और आर्थिक समर्थन की मांग कर रहा है, ताकि वह रूस की हमलावर नीति का सामना कर सके। खारकीव की बर्बादी ने पूरी दुनिया को एक बार फिर इस युद्ध की क्रूर सच्चाई से रूबरू करा दिया है।
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