4 जनवरी, रविवार को राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद के तत्वाधान में नगर में चल रही सत्संग कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत श्री राम जानकी मंदिर, पंचायती ठाकुरद्वारा, कानूनगोपूरा, दक्षिणी बहराइच के प्रांगण में एक भव्य सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना को जागृत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं की सहभागिता देखने को मिली।
इस सत्संग कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में देवीपाटन मंडल उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सनातनी ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में संगठन के कई जिला, नगर और वार्ड स्तर के पदाधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से आईटी संयोजक बृजेंद्र सनातनी, जिला संरक्षक सदा शंकर सनातनी, जिला सत्संग प्रमुख विश्व मित्र सनातनी, जिला सत्संग प्रभारी सत्यदेव सनातनी, जिला महाशक्ति सत्संग संयोजिका श्रीमती शशि सनातनी, जिला महाशक्ति सहसंयोजिका श्रीमती मीना सनातनी, जिला महाशक्ति सहसंयोजिका श्रीमती संतोष सनातनी, जिला महाशक्ति सत्संग सह संयोजिका श्रीमती उषा सनातनी, जिलाहित चिंतक एवं मंदिर प्रबंधक सदानंद सनातनी उपस्थित रहे।
नगर स्तर से नगर सामाजिक समरसता प्रभारी संदीप सनातनी, नगर सत्संग प्रभारी सूर्य प्रकाश सनातनी, नगर उपाध्यक्ष शरद सनातनी, नगर उपाध्यक्ष भीष्माचार्य सनातनी, नगर धर्मशक्ति प्रभारी सतीश सनातनी, नगर सामाजिक समरसता प्रभारी बृजेश कुमार सनातनी, नगर सह मंत्री जगदंबा प्रसाद सनातनी, नगर महाशक्ति सत्संग सहसंयोजिका कविता सनातनी की सहभागिता उल्लेखनीय रही। वहीं वार्ड स्तर से वार्ड कानूनगोपुरा महाशक्ति संयोजिका श्रीमती कुसुम सनातनी, वार्ड बक्शीपुरा सत्संग प्रमुख श्री भूषण सनातनी, वार्ड बक्शीपुरा महाशक्ति संयोजिका श्रीमती मधुलिका सनातनी भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
इसके अतिरिक्त हित चिंतक उपेंद्र सनातनी, सीतांशु सनातनी, हित चिंतक पुरुषोत्तम सनातनी, श्रीमती पूनम सनातनी, श्रीमती कविता सनातनी, श्रीमती प्रज्ञा सनातनी सहित भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लिया। कार्यक्रम का समापन सनातन धर्म की एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ किया गया।
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