राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद की प्रमुख बैठक सम्पन्न — “सनातन मंथन” कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा

राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद के तत्वाधान में आज संगठन के कार्यालय पर एक विस्तृत और महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा, भविष्य की योजनाओं के निर्धारण तथा आगामी कार्यक्रम “सनातन मंथन” की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय, प्रदेश, मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत में परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने विगत 2 नवम्बर को सम्पन्न हुए संत सम्मेलन की समीक्षा की। इस सम्मेलन को संगठन के लिए अत्यंत सफल और प्रेरणादायक बताया गया। चर्चा के दौरान यह निष्कर्ष निकला कि भविष्य में ऐसे संत सम्मेलनों का दायरा और विस्तृत किया जाए, ताकि समाज के हर वर्ग तक सनातन धर्म की विचारधारा का प्रसार हो सके।

 

इसके पश्चात बैठक का मुख्य केंद्र रहा — आगामी “सनातन मंथन” कार्यक्रम, जो 1 मार्च को प्रस्तावित है। इस राष्ट्रीय आयोजन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा करते हुए पदाधिकारियों ने इसे संगठन की पहचान और उद्देश्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाला बताया। यह निर्णय लिया गया कि सनातन मंथन को समाज में व्यापक जागरूकता और धर्म-संवाद के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें संत, विद्वान, समाजसेवी और युवा प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि वृहद सदस्यता अभियान को आगामी महीनों में और तेज़ किया जाए, ताकि समाज के अधिक से अधिक लोगों को परिषद के साथ जोड़ा जा सके। संगठन के विस्तार को प्रत्येक जिले, प्रखंड और नगर स्तर तक पहुँचाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई। इसी के साथ यह भी निर्देश दिया गया कि परिषद के साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रमों को हर क्षेत्र में नियमित रूप से और प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, क्योंकि ये कार्यक्रम संगठन की जमीनी पकड़ और धार्मिक चेतना के आधार हैं।

बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें राष्ट्रीय महासचिव श्री मुकेश दुबे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मनीष पांडे, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुश्री साधना सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अमित सिंह एवं श्री ज्योति प्रकाश तिवारी, प्रदेश संयोजक श्री कुलदीप शुक्ला, प्रदेश सामाजिक समरसता प्रभारी श्री महेंद्र नाथ श्रीवास्तव, प्रदेश सामाजिक सेवा शक्ति रक्षा प्रभारी श्री प्रवेश श्रीवास्तव तथा प्रदेश शिक्षक शक्ति रक्षा प्रभारी के रूप में नवनियुक्त डॉ. मनोज शर्मा शामिल रहे।

इसके अलावा लखनऊ, जिला, मंडल एवं प्रखंड स्तर से भी अनेक पदाधिकारी इस बैठक में उपस्थित रहे। इनमें सुश्री दीप्ति श्रीवास्तव (महाशक्ति रक्षा सह-संयोजिका, लखनऊ उत्तरी), श्री नवीन गुप्ता (सह मंत्री, लखनऊ पूर्व), श्री शिवम दुबे (मंडल उपाध्यक्ष), श्री हिमांशु श्रीवास्तव (जिला उपाध्यक्ष), श्री अखिलेश मौर्या (जिला संयोजक), श्री अनिल कुमार त्रिपाठी (जिला सह-संयोजक), श्री विनय कश्यप (प्रखंड अध्यक्ष) तथा श्री पवन शर्मा (नगर उपाध्यक्ष) के नाम प्रमुख रहे।

 

बैठक में संगठनात्मक सुदृढ़ता के साथ-साथ नई ऊर्जा और उत्साह के संचार के उद्देश्य से नए पदाधिकारियों को दायित्व सौंपने की औपचारिक घोषणा की गई। इनमें नवीन गुप्ता को सह मंत्री, लखनऊ पूर्व, डॉ. मनोज शर्मा को प्रदेश शिक्षक शक्ति रक्षा प्रभारी, अनिल त्रिपाठी को जिला सह-संयोजक तथा शिवम दुबे को मंडल उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी प्रदान की गई। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ और सम्मान के साथ स्वागत किया गया तथा उनसे संगठन के लक्ष्यों के अनुरूप सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की गई।

 

बैठक में यह भी तय हुआ कि संगठन अब धार्मिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक एकता, शिक्षा, सेवा और संस्कृति के संरक्षण को लेकर भी विशेष अभियान चलाएगा। समाज के युवाओं को सनातन मूल्यों से जोड़ने और राष्ट्रहित में प्रेरित करने के लिए परिषद अगले महीने से “युवा चेतना संवाद” कार्यक्रम भी आरंभ करेगी।

 

बैठक के समापन पर परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सभी उपस्थित साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। आने वाले समय में राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद की गतिविधियाँ और भी विस्तारित होंगी, जिससे राष्ट्र निर्माण की दिशा में संगठन की भूमिका और प्रभावशाली बन सकेगी।

यह बैठक न केवल संगठन की भावी योजनाओं का खाका पेश करने वाली रही, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद अब हर स्तर पर धर्म, समाज और राष्ट्र के लिए सक्रियता के नए अध्याय की शुरुआत करने जा रही है।

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