रतलाम में निवेश की सुनामी: क्या यह शहर बनने जा रहा है मध्यप्रदेश का नया उद्योगिक इंजन?
मध्यप्रदेश के रतलाम में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। एक शहर जो अब तक सेव, नमकीन, सोना और साड़ियों के लिए पहचाना जाता था, अब भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान की ओर बढ़ चला है। ‘एमपी राइज-2025 कॉन्क्लेव’ के दौरान रतलाम को 30,402 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 35,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में यह आयोजन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा, जिसमें न केवल निवेशकों ने भरोसा जताया बल्कि सरकार ने भी कई नई घोषणाएं कर रतलाम के भविष्य की नींव रख दी।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और ‘एमपी राइज’ फिल्म की प्रस्तुति से हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रतलाम आने वाले समय में स्किल, स्केल और स्टार्टअप के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। उन्होंने बताया कि रतलाम में बड़ी हवाई पट्टी बनाई जाएगी जहां जेट विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही कालका माता प्रोजेक्ट और हॉकी एस्ट्रोटर्फ जैसे बड़े विकास कार्यों की भी घोषणा की गई।
रतलाम की भौगोलिक स्थिति भी इसे निवेश के लिए आदर्श बनाती है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए यहां से दोनों महानगरों तक मात्र 6 घंटे में पहुंचा जा सकता है। इसी कनेक्टिविटी को भुनाते हुए मुख्यमंत्री ने शक्ति पंप्स, जैक्सन ग्रुप, ओरियाना पावर, एसआरएफ और बीबा फैशन जैसे नामचीन निवेशकों से मुलाकात की और निवेश योजनाओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 140 औद्योगिक इकाइयों को 425 करोड़ और 880 इकाइयों को 269 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की। इसके अलावा, 47 औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया गया जिनसे 3787 लोगों को रोजगार मिलेगा। एमएसएमई विभाग द्वारा 16 नए औद्योगिक क्षेत्रों और 10 राज्य क्लस्टर्स की भी नींव रखी गई। मंदसौर जिले के सेमरी कांकड़ में 61.26 करोड़ की लागत से नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा।
सरकार ने रतलाम के विभिन्न गांवों—जैसे पिपलोद, पलसोढ़ी, रामपुरिया, सरवनी खुर्दत्र, जामखुर्द और जुलवानिया के विकास के लिए 50-50 लाख रुपये की स्वीकृति दी। निवेश स्मार्ट नेशनल पार्क के तहत यहां 220 केवी विद्युत लाइन भी बिछाई जाएगी ताकि उद्योगों को निर्बाध बिजली मिल सके।
इस कार्यक्रम में जील ग्रुप के संस्थापक दीनबंधु त्रिवेदी ने रतलाम में एक नई टैक्सटाइल यूनिट स्थापित करने की घोषणा की। जील ग्रुप पहले ही 20,000 युवाओं को प्रशिक्षित कर चुका है, जिनमें से 10,000 को नौकरी मिल चुकी है। इप्का लैबोटेरीज के एमडी अजीत जैन ने भी बताया कि उनकी कंपनी का 2500 करोड़ का निवेश पहले से मध्यप्रदेश में है और जल्द ही 1000 करोड़ की नई योजना शुरू होगी। पीथमपुर में उनकी नई बायोटेक यूनिट में 6 ड्रग्स पर क्लिनिकल रिसर्च हो रहा है।
एमएसएमई विभाग ने इस अवसर पर 538 औद्योगिक इकाइयों को 54 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जिससे 10,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वहीं डीआईपीआईपी विभाग द्वारा 186 हेक्टेयर भूमि 35 औद्योगिक इकाइयों को दी गई जिससे 6,000 करोड़ का निवेश और 17,600 रोजगार का रास्ता खुलेगा।
सीएम डॉ. यादव ने कार्यक्रम के अंत में प्रदेशभर के 4 लाख से अधिक हितग्राहियों को 3861 करोड़ रुपये की ऋण सहायता एक ही क्लिक में ट्रांसफर की। कौशल विकास विभाग ने 263 युवाओं को सीधे रोजगार के ऑफर लेटर दिए, जिससे रतलाम ही नहीं, पूरा प्रदेश नई औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रहा है।
रतलाम का भविष्य अब केवल इतिहास और परंपराओं में नहीं, बल्कि उद्योग, तकनीक और रोजगार की दिशा में लिखे जा रहे नए अध्याय में है।
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