जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में दर्ज एक रेप केस में नया मोड़ सामने आया है। पहले लड़की के पिता ने अपनी बेटी के साथ हुए दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए 5 फरवरी को FIR दर्ज कराई थी और आरोपी लड़के को हिरासत में लिया गया। FIR में पिता ने बताया कि उनका परिवार पिछले 10 सालों से किराए के मकान में रह रहा है और उनकी बेटी B.A. फर्स्ट ईयर की छात्रा है। 4 फरवरी को माता-पिता वोटर लिस्ट में संशोधन कराने गए थे और उसी दौरान उनकी बेटी लाइब्रेरी गई थी। FIR के अनुसार, सचिन कुमार नामक युवक ने लड़की को फोन करके बाहर बुलाया और कोचिंग दिलाने के बहाने अपने दोस्त के घर ले गया, जहां उसे नशीला पदार्थ देकर गलत काम किया गया।
इस बीच लड़की ने FIR दर्ज होने के बाद वीडियो बनाकर अपने बयान में पूरी घटना को झूठा बताया। वीडियो में उसने कहा कि उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ और जो कुछ भी हुआ वह उसकी मर्जी से हुआ। उसने आरोप लगाया कि उसके घर वाले उसे दबाव और धमकी दे रहे हैं, और वीडियो बनाना मजबूरी में किया गया ताकि सचिन कुमार तक उसका पक्ष पहुंचे। लड़की ने यह भी कहा कि उसके घर वालों ने उसका जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड फर्जी बनवाया, जिसमें उसकी उम्र 2008 बताई गई थी, जबकि असल में वह 18 साल की हो चुकी है।
मामले में नई जटिलता तब आई जब लड़की के दो आधार कार्ड सामने आए, जिनमें एक में उसकी उम्र 21 और दूसरे में 17 साल लिखी हुई है। इसे लेकर पुलिस ने लड़की को भी हिरासत में ले लिया है और आज न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दोनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही लड़की के वायरल वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जालौन के एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र और उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपी और अन्य संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट में दोनों पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद ही मामले में आगे की दिशा तय होगी।
फिलहाल, मामला अभी जांच और कोर्ट प्रक्रिया के अधीन है। लड़की के दोनों बयानों और दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि होने के बाद ही आरोपों की गंभीरता और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी। पुलिस ने कहा है कि सभी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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