राम मंदिर के निर्माण में तेजी, रामनवमी पर सूर्य की किरणों से होगा रामलला का अभिषेक, 15 अप्रैल तक पूर्ण होने की उम्मीद
अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर रामलला के अभिषेक की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को अयोध्या में आयोजित बैठक में इस विशेष अवसर पर होने वाले अभिषेक की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार भी रामनवमी के दिन, दोपहर ठीक 12:00 बजे, रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणें पड़ेंगी, जिससे उनका अभिषेक होगा। इसके लिए आवश्यक सभी तैयारियाँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं।
नृपेंद्र मिश्र ने यह भी कहा कि राम मंदिर के निर्माण में अभी भी कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए तमाम दिक्कतें सामने आ रही हैं। “राम मंदिर का निर्माण हमारे लिए एक बड़ा लक्ष्य है, लेकिन इसके रास्ते में रुकावटें भी कम नहीं हैं। महाकुंभ के बाद अब होली और रामनवमी जैसे बड़े त्योहार सामने हैं, जिनके दौरान काम करने वाले मजदूर अपने घरों को लौट जाते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य में रुकावटें आती हैं।”
समिति अध्यक्ष ने यह भी बताया कि शनिवार को जयपुर से गोस्वामी तुलसीदास की मूर्ति अयोध्या पहुंचेगी, और उम्मीद है कि रविवार को इसकी विधिवत स्थापना भी कर दी जाएगी। राम मंदिर के शिखर का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, और अब तक 18 कड़ी में से 11 कड़ी पूरी हो चुकी हैं। इन कड़ियों की मदद से मंदिर का शिखर और उसकी ऊँचाई तैयार हो रही है।
राम मंदिर के निर्माण में कुल 4 लाख 50 हजार क्यूबिक पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है। इनमें से अब तक अधिकांश पत्थर लगाए जा चुके हैं, केवल 20 हजार क्यूबिक पत्थर और लगाए जाने बाकी हैं। समिति के अधिकारियों का मानना है कि 15 अप्रैल तक राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
राम मंदिर परिसर में स्थापित होने वाली सभी मूर्तियों की प्रक्रिया भी तेज़ी से चल रही है। इन मूर्तियों में सप्त मंदिर की मूर्तियाँ, परकोटे की मूर्तियाँ और राम दरबार की मूर्तियाँ शामिल हैं। उम्मीद की जा रही है कि 30 अप्रैल तक सभी मूर्तियाँ मंदिर परिसर में पहुँच जाएंगी, और 25 मार्च से 15 अप्रैल के बीच इन्हें स्थापित भी कर दिया जाएगा।
राम मंदिर परिसर के भीतर बनने वाले जलाशय की तैयारी भी प्रगति पर है, और इसका निर्माण तीन महीने के भीतर पूरा होने की संभावना है।
राम मंदिर निर्माण के लिए इस समय महत्वपूर्ण समय आ रहा है, और यह देखा जा रहा है कि निर्माण की गति तेजी से बढ़ रही है। रामनवमी के मौके पर रामलला के अभिषेक के साथ ही मंदिर का एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ जाएगा, जिससे न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे देश के राम भक्तों के बीच एक नई उम्मीद और उल्लास का माहौल बनेगा।
Share this content:
