April 30, 2026

रक्षाबंधन 2025: भाई-बहन के अटूट प्रेम और रक्षा के पर्व की पूरी जानकारी

रक्षाबंधन या राखी हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और प्रेम से भरे त्योहारों में से एक है। यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, सम्मान और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक माना जाता है। इस पावन दिन बहन अपनी रक्षा के लिए भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसकी लंबी आयु व सुख-समृद्धि की कामना करती है, जबकि भाई जीवनभर अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति की अनमोल विरासत है, जो पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करता है और सामाजिक मेल-जोल बढ़ाता है।

रक्षाबंधन कब मनाया जाएगा?

पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष यानी 2025 में रक्षाबंधन शनिवार, 9 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन सावन पूर्णिमा की तिथि शुरू होती है 8 अगस्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से और समाप्त होती है 9 अगस्त दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर। इस कारण 9 अगस्त को ही रक्षाबंधन का पर्व मनाना शुभ माना गया है।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए सबसे शुभ समय सुबह 5:39 बजे से दोपहर 1:34 बजे तक का माना गया है। इस समय में राखी बांधना अत्यंत लाभकारी होता है और इसे पूरा करना चाहिए। दोपहर 1:34 बजे के बाद पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाती है और भाद्रपद मास की शुरुआत हो जाती है, इसलिए इस समय सीमा के भीतर राखी बांधना जरूरी होता है।

भद्रा का समय और सावधानियां

भारतीय मान्यताओं के अनुसार, भद्राकाल के दौरान किसी भी शुभ कार्य को करना उचित नहीं माना जाता है। इस दौरान राखी बांधना भी अशुभ माना जाता है। इस साल सावन पूर्णिमा पर भद्रा का समय 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त तड़के 1:52 बजे तक रहेगा। लेकिन चूंकि भद्रा का समय रक्षाबंधन के दिन समाप्त हो चुका होगा, इसलिए इस बार राखी बांधने में कोई बाधा या अशुभ प्रभाव नहीं होगा। बहनें सुबह से दोपहर 1:34 बजे तक बिना किसी चिंता के अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं।

रक्षाबंधन का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व

रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की एक गहरी भावना है, जो भाई-बहन के प्रेम और कर्तव्य की याद दिलाता है। यह पर्व परिवारों को जोड़ने का एक जरिया है, जहाँ रिश्तों की मिठास और अपनापन बढ़ता है। पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में भी राखी के महत्व को विशेष स्थान दिया गया है, जिसमें रक्षा सूत्र का आशीर्वाद जीवन को खुशहाल बनाने वाला माना गया है।

इस दिन कई जगहों पर खास पूजा, स्नान, दान और व्रत भी किया जाता है, जो पर्व की पावनता को और भी बढ़ा देता है। बहनें अपने भाइयों की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना करती हैं और भाई भी अपनी बहनों की रक्षा के लिए हर मुश्किल में उनके साथ होने का वादा करते हैं।

रक्षाबंधन 2025 का त्योहार इस बार 9 अगस्त को मनाया जाएगा, जो भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत बनाएगा। राखी बांधने का शुभ समय सुबह से दोपहर तक रहेगा और भद्रा का कोई भी अशुभ प्रभाव इस बार नहीं होगा। इस पावन अवसर पर हर भाई-बहन अपने प्रेम और सुरक्षा के बंधन को और भी गहरा करने का अवसर पाएंगे।

इसलिए अपने परिवार के साथ इस त्योहार को धूमधाम से मनाएं और भाई-बहन के रिश्ते को प्यार और सम्मान से सजाएं। राखी का यह पर्व हर घर में खुशहाली और सौहार्द लेकर आए।

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