यूपी सरकार की राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उठाए कदम, आर्थिक समृद्धि के लिए बचत और निवेश की अहमियत पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री, रजनी तिवारी ने अमर उजाला द्वारा आयोजित ‘शक्ति की समृद्धि’ कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक समृद्धि पर अपने विचार साझा किए। इस कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में की गई पहलों का उल्लेख किया और साथ ही महिलाओं को बचत और निवेश के महत्व को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा, “केंद्र की मोदी सरकार ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए काम किया है। पहले यह माना जाता था कि महिलाएं केवल घर की चार दीवारों तक सीमित रहेंगी, लेकिन आज हमारी बहनें और बेटियां ना केवल घर, बल्कि देश की दिशा और दशा तय कर रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महिलाओं ने अपनी स्थिति मजबूत की है, और यह हर साल देखा जाता है कि विश्वविद्यालयों में मेडल जीतने वाली ज्यादातर छात्राएं ही होती हैं।
उन्होंने अमर उजाला परिवार को बधाई दी और कहा, “हमारे गांव तब तक मजबूत नहीं हो सकते जब तक वहां की महिलाएं सशक्त नहीं होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मैं धन्यवाद देती हूं, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई योजनाएं शुरू कीं, जिससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।”
राज्यमंत्री ने सरकार द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चलाई गई योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “सुकन्या समृद्धि योजना और मुद्रा लोन जैसी योजनाओं से बेटियों को आर्थिक मदद मिली है, जिससे उनमें आत्मविश्वास पैदा हुआ है। जब महिलाओं के पास पैसा होगा, तो उनके अंदर निवेश और बचत की समझ भी विकसित होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें। उन्होंने यह बताया कि गांवों से लेकर शहरों तक महिलाएं सशक्त हो रही हैं और उनके पास अब निवेश करने के लिए धन भी आ रहा है।
राज्यमंत्री ने महिलाओं के भीतर आर्थिक समझ और निवेश के प्रति उत्साह को लेकर कहा, “हर महिला अंदर से मजबूत होती है, और वह अपने परिवार और बच्चों की देखभाल बहुत अच्छे तरीके से करती है। जब महिलाएं बचत और निवेश के बारे में सोचेंगी, तो यह काम वे बहुत आसानी से कर सकती हैं।”
उन्हें विश्वास है कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल शिक्षा और स्वास्थ्य में ही नहीं, बल्कि उनके आर्थिक स्वतंत्रता से भी जुड़ा है। उन्होंने अमर उजाला द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि सरकार पहले ही टेबलेट और स्मार्टफोन जैसी सुविधाएं प्रदान कर चुकी है और अब स्कूटी देने की योजना है, ताकि महिलाएं और अधिक स्वावलंबी और समृद्ध बन सकें।
राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं से आह्वान किया कि वे आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ निवेश और पैसे के प्रबंधन पर भी ध्यान दें, ताकि वे अपने परिवार और समाज में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने इस अवसर पर महिलाओं को प्रेरित किया कि वे आगे बढ़कर इस दिशा में अपने कदम उठाएं और खुद को और अपने देश को सशक्त बनाएँ।
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