क्या इंदौर का यह फ्लैट खोलेगा सोनम के छिपे राज़? राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच में पहुंची मेघालय पुलिस
राजा रघुवंशी हत्याकांड की परतें एक-एक कर खुलती जा रही हैं। अब मेघालय पुलिस की टीम इंदौर के उस फ्लैट तक पहुंच गई है, जहां हत्याकांड के बाद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के कुछ दिन छिपे रहने की आशंका है। देवास नाका क्षेत्र स्थित इस फ्लैट की जांच मंगलवार को मेघालय पुलिस ने एमपी पुलिस के सहयोग से की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हत्या के बाद सोनम यहीं कुछ दिन रुकी थी, और फिर उत्तर प्रदेश भाग गई थी, जहां गाजीपुर में उसने सरेंडर किया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, टीम आगे आरोपियों के अन्य ठिकानों की भी तलाशी ले सकती है। मंगलवार रात पुलिस ने मृतक राजा रघुवंशी के इंदौर स्थित सहकार नगर वाले घर पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किए। परिजनों से सोनम के व्यवहार, शादी के बाद की गतिविधियों और परिवार में उसकी भूमिका को लेकर कई सवाल पूछे गए।
इस केस में बड़ा खुलासा यह हुआ है कि राजा की हत्या में एक नहीं, बल्कि दो ‘डाव’ (पूर्वोत्तर में इस्तेमाल होने वाला बड़ा चाकू) का इस्तेमाल हुआ था। इनमें से एक हथियार घटनास्थल की खाई में ही फेंका गया था। वहीं सोनम का मोबाइल अब तक बरामद नहीं हो सका है, जिसे उसने नष्ट कर दिया था।
गौरतलब है कि राजा और सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी और 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए थे। 23 मई को राजा की हत्या हुई और 2 जून को उसका शव चेरापूंजी के एक झरने के पास खाई में मिला था। इस हत्याकांड में सोनम, उसके प्रेमी राज कुशवाह और तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया है।
इस बीच, इंदौर के फ्लैट को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है। फ्लैट के मालिक शिलोम जेम्स ने दावा किया है कि आरोपी विशाल चौहान ने 30 मई को उनसे 17,000 रुपये मासिक किराए पर यह फ्लैट लिया था और अनुबंध पर दस्तखत किए थे। यह वही फ्लैट है जहां सोनम के छिपे होने की आशंका है।
फिलहाल, मेघालय पुलिस की एसआईटी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और हर संभावित सुराग को खंगाला जा रहा है, जिससे यह साफ हो सके कि राजा रघुवंशी की हत्या में कौन-कौन से चेहरे और मंशाएं शामिल थीं।
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