April 30, 2026

 क्या हवाला और इश्क के जाल में फंसा था राजा रघुवंशी? सोनम की साजिश से उठे नए परतें, जितेंद्र रघुवंशी के नाम से हिला पूरा केस

मेघालय की वादियों में एक प्रेम कहानी हनीमून के नाम पर मौत की पटकथा में कैसे बदल गई, इसका खुलासा जैसे-जैसे हो रहा है, पूरे देश की नजरें इस केस पर टिकी हैं। राजा रघुवंशी की हत्या अब केवल एक मर्डर नहीं रह गई, ये अब एक साज़िश, हवाला और प्रेम के घातक तिकड़म का ऐसा जाल बन चुका है, जिसमें एक के बाद एक नाम सामने आते जा रहे हैं। और अब इस कड़ी में एक और चौंकाने वाला नाम जुड़ गया है—जितेंद्र रघुवंशी।

इंदौर से कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग पहुंचे थे। लेकिन 23 मई को दोनों अचानक गायब हो गए। 2 जून को राजा की लाश एक खाई में मिली और सोनम रहस्यमयी तरीके से लापता रही। 17 दिन बाद वो उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली, जहां से उसकी गिरफ्तारी हुई। पुलिस पूछताछ और जांच के बाद यह सामने आया कि सोनम ने ही अपने पति की हत्या की सुपारी दी थी।

पुलिस को पहले तक केवल पांच नामों—सोनम रघुवंशी, राज कुशवाहा, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी—की भूमिका पर शक था, लेकिन अब जितेंद्र रघुवंशी का नाम सामने आने से केस में एक नया ट्विस्ट आ गया है।

सूत्रों के अनुसार, सोनम का प्रेमी राज कुशवाहा किसी जितेंद्र रघुवंशी के साथ मिलकर हवाला कारोबार करता था। पुलिस को जितेंद्र के नाम से चार बैंक खाते भी मिले हैं जिनमें लाखों रुपए का लेनदेन हुआ है। यह भी आशंका है कि सोनम ने अपने बिजनेस से संबंधित कुछ पैसे राज को दिए थे, जिसे हवाला के जरिए कहीं और भेजा गया।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि सोनम के पूरे बिजनेस और पैसों के लेन-देन की जिम्मेदारी राज कुशवाहा निभाता था। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रहती थी। यहां तक कि हनीमून पर रहने के दौरान भी सोनम राज के संपर्क में थी। ऐसे में सवाल उठता है—क्या सोनम हवाला के जरिए अपने पति से अलग किसी और जिंदगी की तैयारी कर रही थी?

इस हवाला कनेक्शन से जुड़ी कुछ अहम शंकाएं पुलिस के सामने हैं:

क्या सोनम ने हवाला के जरिए पैसा ट्रांसफर कर राज के साथ एक नई शुरुआत की योजना बनाई थी?

क्या जितेंद्र रघुवंशी भी इस प्लानिंग का हिस्सा था?

क्या हत्या के लिए इस्तेमाल हुआ पैसा हवाला चैनल के जरिए ही भेजा गया?

जितेंद्र और राज के बीच संबंध सिर्फ बिजनेस तक सीमित थे या साजिश में भी साझेदार थे?

गाजीपुर के काशी ढाबे पर सोनम की गिरफ्तारी से जुड़ी कहानी भी कम रहस्यमयी नहीं है। ढाबे मालिक ने बताया कि सोनम रात करीब 1 बजे आई और सुबह 3 बजे परिजनों को कॉल किया। वह लगातार रो रही थी लेकिन जब पुलिस आई तो वह पूरी तरह शांत थी, बार-बार पानी पी रही थी, चेहरे पर अफसोस तक नहीं था।

डॉक्टरी परीक्षण के दौरान भी सोनम का व्यवहार असामान्य रहा। वह लगातार पानी की बोतल मांगती रही और किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। लोगों के मन में बस एक ही सवाल था—आखिर ये लड़की इतने दिनों तक कहां थी और गाजीपुर कैसे पहुंची?

अब तक की जांच में पुलिस ने सोनम सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यूपी के ललितपुर से आकाश राजपूत, इंदौर से विशाल चौहान व राज कुशवाहा, और सागर से आनंद कुर्मी को पकड़ा गया है। सभी ने यह कबूल किया है कि सोनम ने ही राजा की हत्या के लिए सुपारी दी थी।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, राजा के सिर पर दो जगह गहरे घाव थे और शरीर की कई हड्डियाँ टूटी थीं। पुलिस को घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल हुआ धारदार हथियार ‘दाओ’ भी मिला।

अब पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती है—जितेंद्र रघुवंशी को ढूंढ़ना। इस एक नाम से ही केस की दिशा पूरी तरह बदल सकती है। क्या वह इस पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड है? क्या उसने ही हवाला के पैसे के जरिए इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में मदद की?

जांच जारी है, लेकिन इतना तय है कि राजा रघुवंशी की हत्या की कहानी अब एक प्रेम-त्रिकोण से कहीं ज्यादा पेचीदा, भयावह और सुनियोजित साजिश बन चुकी है, जिसमें हर कदम पर छुपे हैं नए राज़।

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