April 30, 2026

जलवर्षा का कहर: आधे भारत में रेड अलर्ट, बाढ़, भूस्खलन और मौतें — क्या और बिगड़ने वाला है मौसम का मिज़ाज?

मानसून की दस्तक इस बार कुछ अलग है। समय से पहले पहुँचा मानसून अब पूरे देश में कहर बरपाने लगा है। देश के कई हिस्सों में बारिश की रफ्तार इतनी तेज़ हो गई है कि सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। मौसम विभाग ने केरल, असम, मेघालय समेत कई राज्यों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है, जबकि दिल्ली, यूपी और बिहार में अगले कुछ घंटों में आंधी और हल्की बारिश की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर भारत में बिगड़ी हालात, असम में बाढ़ जैसे हालात
गुवाहाटी और उसके आसपास के ज़िलों में गुरुवार रात से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे शहर के लगभग सभी इलाकों में जलभराव हो गया है। असम के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हालात की गंभीरता को देखते हुए कहा है कि सरकार किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार है। अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में भी तेज बारिश ने असम की स्थिति और जटिल बना दी है। राज्य में नौ लाख लोगों की बिजली काट दी गई है, और कई ज़िलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

केरल में पांच मौतें, दो हजार से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त
केरल में भारी बारिश ने अब तक कम से कम पांच लोगों की जान ले ली है, जबकि मलप्पुरम से दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। सभी 14 जिलों में मूसलधार बारिश की वजह से जगह-जगह हादसे हो रहे हैं। राज्यभर में दो हजार से अधिक मकानों को आंशिक नुकसान पहुँचा है, और करीब 60 राहत शिविरों में दो हजार से ज्यादा लोगों को शरण दी गई है। ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं और कई रूटों पर ट्रेनों की गति बेहद धीमी कर दी गई है।

मेघालय में तीन की मौत, 25 गांव प्रभावित
मेघालय के पूर्व खासी हिल्स में पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश से तीन लोगों की मौत हो गई है, जिनमें एक वृद्ध महिला और एक नाबालिग शामिल हैं। लगभग 25 गांवों में एक हजार से अधिक लोग बारिश और उससे जुड़े प्रभावों से प्रभावित हुए हैं। बचाव कार्य लगातार जारी हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के इंदौर से लापता एक दंपती की खोज आज फिर शुरू की गई है।

कर्नाटक में टूटे रिकॉर्ड, भूस्खलन से 6 की मौत
कर्नाटक में भी बारिश के कारण भयावह हालात बन चुके हैं। भूस्खलन की घटनाओं में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के मुख्यमंत्री ने बताया कि यह वर्षा 125 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। कई इलाकों में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क टूट गया है।

उत्तर भारत में भी असर, दिल्ली-यूपी में आंधी-बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी आंधी और बारिश की संभावना जताई है। खासतौर पर आज शाम को धूल भरी आंधी और हल्की बारिश दिल्ली-एनसीआर में देखने को मिल सकती है। आने वाले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है।

देश के इन हिस्सों में हो रही बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, पूर्वोत्तर भारत, तमिलनाडु, मराठवाड़ा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, ओडिशा और राजस्थान के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।

सावधान! मानसून की रफ्तार थमने के आसार नहीं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता और दायरा और बढ़ सकता है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी राज्यों में बाढ़ की आशंका जताई जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वो प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और खतरे की जगहों से दूर रहें।

देशभर में बढ़ते बारिश के इस कहर ने बता दिया है कि मानसून अब सिर्फ एक मौसम नहीं, एक चुनौती बनता जा रहा है। क्या आप तैयार हैं इसके अगले दौर के लिए?

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