सीतामढ़ी में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का BJP पर बड़ा हमला, वोट चोरी का आरोप
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन की तरफ से निकाली जा रही वोटर अधिकार यात्रा ने बुधवार को सीतामढ़ी में जोर पकड़ा। इस मौके पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा राजद नेता तेजस्वी यादव ने संयुक्त जनसभा को संबोधित किया। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों और दलितों के वोट जानबूझकर काटे जा रहे हैं और लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने सीतामढ़ी के जानकी माता मंदिर में दर्शन के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी गरीबों का वोट चुराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि “ये लोग पहले आपका वोट छीनेंगे, फिर आपका राशन और बाद में आपका आधार कार्ड भी निशाने पर होगा।” राहुल ने दावा किया कि चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध है और वह बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में 65 लाख वोट काटे गए हैं और इसमें एक भी अमीर आदमी का नाम नहीं है, सारे वोट गरीब और दलित वर्ग से जुड़े हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि महागठबंधन इस बार वोट चोरी नहीं होने देगा। उन्होंने जनता को चेताते हुए कहा कि चुनाव आयोग और बीजेपी की हर चाल को नाकाम बनाया जाएगा। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक में बीजेपी ने वोट चोरी कर चुनाव जीता और इसका सबूत उनके पास है। उन्होंने ऐलान किया कि आने वाले दिनों में लोकसभा चुनाव और हरियाणा चुनाव में भी इसी तरह के सबूत सामने लाए जाएंगे। राहुल ने आरएसएस और बीजेपी को सीधे तौर पर “वोट चोर” करार दिया।
तेजस्वी यादव ने भी मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बार-बार पाला बदलते हैं और अब बिहार पर शासन करने की स्थिति में नहीं हैं। जनता रोजगार और नौकरियां चाहती है, लेकिन बीजेपी और उनके सहयोगी लोकतंत्र को खत्म कर ‘राजतंत्र’ स्थापित करना चाहते हैं। तेजस्वी ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जन्मभूमि है और यहां की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं करेगी।
महागठबंधन की यह यात्रा धीरे-धीरे चुनावी रंग पकड़ती जा रही है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जोड़ी लगातार जनसभाओं के जरिए बीजेपी पर सीधा हमला कर रही है। महागठबंधन इसे जनता के अधिकार की लड़ाई बता रहा है, जबकि बीजेपी इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। हालांकि, सीतामढ़ी की इस सभा ने साफ कर दिया कि चुनावी माहौल अब और गर्माने वाला है और आने वाले दिनों में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होंगे।
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