बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी बनाम चुनाव आयोग की बड़ी जंग
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राहुल गांधी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच टकराव तेज़ हो गया है। राहुल गांधी ने लोकसभा और बिहार चुनाव को लेकर वोट चोरी का आरोप लगाया, तो चुनाव आयोग ने उन्हें सबूत पेश करने या माफी मांगने का अल्टीमेटम दे दिया। इस विवाद ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और ‘लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता को साथ आना होगा।’ उन्होंने साफ कहा कि यदि इंडिया गठबंधन की सरकार बनती है तो वे मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। उनके इस बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है।
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताया और चुनौती दी कि वह सात दिन में शपथपत्र देकर अपने आरोप साबित करें। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने यहां तक कह दिया कि राहुल गांधी या तो सबूत दें या देश से माफी मांगें। आयोग का कहना है कि बार-बार गलत सूचना फैलाकर विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है।
उधर, राहुल गांधी ने बिहार में 16 दिन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू कर दी है। यह यात्रा 20 जिलों से होते हुए करीब 1300 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस दौरान उनके साथ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी समेत विपक्षी नेता भी मौजूद रहेंगे। यात्रा का मकसद लोगों को जागरूक करना और वोट चोरी के मुद्दे को जनता तक पहुंचाना है।
कांग्रेस पार्टी ने भी चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा शुरू होते ही सीईसी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी, जिससे साफ है कि आयोग विपक्ष से घबराया हुआ है। कांग्रेस ने दोहराया कि वह किसी भी तरह की धमकी से पीछे हटने वाली नहीं है और लोकतंत्र की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।
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