April 24, 2026

राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान पर बवाल, शंकराचार्य ने किया हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने का ऐलान

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस बार मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, जिस पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। स्वामी ने राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की है और देशभर के मंदिरों से उन्हें प्रतिबंधित करने की अपील की है। उनका कहना है कि राहुल गांधी जैसे व्यक्ति को, जो हिंदू धर्मग्रंथों का अपमान करते हैं, सनातन धर्म में बने रहने का कोई हक नहीं है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, संसद में राहुल गांधी ने मनुस्मृति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कथित रूप से कहा था कि बलात्कारियों को बचाने का प्लान संविधान में नहीं बल्कि मनुस्मृति में लिखा है। इस बयान को लेकर शंकराचार्य ने गहरी आपत्ति जताई और इसे हिंदू धर्म का सीधा अपमान बताया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सनातन धर्म के शास्त्रों का अपमान करता है, वह स्वयं को हिंदू नहीं कह सकता। उनके अनुसार, इस प्रकार के बयानों से न केवल धार्मिक आस्थाएं आहत होती हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी जाता है।

शंकराचार्य ने जानकारी दी कि इस बयान के संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी को तीन महीने पहले एक नोटिस भेजा था, लेकिन न तो राहुल गांधी ने उस नोटिस का जवाब दिया और न ही किसी प्रकार का खेद व्यक्त किया। उन्होंने इसे राहुल गांधी की जानबूझकर की गई हरकत बताया और कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि वह किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए हिंदू धर्म को निशाना बना रहे हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि यदि राहुल गांधी को हिंदू धर्म में बने रहना है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। अन्यथा यह समझा जाएगा कि वे जानबूझकर सनातन धर्म की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह किसी धर्म विशेष की बुराई करे या उसका अपमान करे। ऐसे कृत्य समाज को तोड़ने का काम करते हैं और धार्मिक एकता को नुकसान पहुंचाते हैं।

शंकराचार्य का यह भी कहना है कि राहुल गांधी को अब किसी भी मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि उन्होंने अपने बयान से न केवल धर्म का अपमान किया है बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है। इस पूरे मामले ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है, जहां कई लोग राहुल गांधी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।

फिलहाल शंकराचार्य की इस सख्त टिप्पणी के बाद राहुल गांधी की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। मामला अब धार्मिक मर्यादाओं से जुड़ चुका है और इसका असर राजनीतिक विमर्श पर भी पड़ सकता है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!