प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं का सैलाब, 40 करोड़ का आंकड़ा पार, क्या 50 करोड़ तक पहुंचेगा ये रिकॉर्ड?

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से चल रहे महाकुंभ मेले में अब तक 40 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, और यह संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। महाकुंभ के आयोजन में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, और खासतौर पर शाही स्नान, मौनी अमावस्या, और अन्य महत्वपूर्ण तिथियों पर यह संख्या और भी बढ़ जाती है। संगम स्नान पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है, और यह सिलसिला लगातार जारी है।

महाकुंभ के 26 दिन में 40 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया, और अब भी हर दिन लाखों लोग यहां आकर डुबकी लगा रहे हैं। एक दिन में औसतन 40 लाख लोग गंगा में स्नान कर रहे हैं। इस वर्ष महाकुंभ की विशेषता यह रही है कि मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे महत्वपूर्ण स्नानों के बाद भी श्रद्धालुओं का उत्साह कायम है। प्रशासन का मानना है कि महाकुंभ के समापन तक यह संख्या 50 करोड़ तक पहुंच सकती है, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड साबित होगा।

महाकुंभ के दौरान मकर संक्रांति के दिन रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे, जब करीब 3.5 करोड़ लोग संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे। इसके बाद पौष पूर्णिमा पर भी 1.7 करोड़ लोग गंगा स्नान के लिए आए। विशेष स्नान दिनों के अलावा, 30 जनवरी और 1 फरवरी को भी 2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु महाकुंभ में शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई अन्य राजनेता भी इस धार्मिक अवसर पर प्रयागराज पहुंचे और गंगा में स्नान किया।

इसके साथ ही, प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि स्कूल के बच्चों को कोई असुविधा न हो, 12 फरवरी तक ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की है। महाकुंभ का आयोजन 26 फरवरी को समाप्त होगा, और इस दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड आंकड़े को लेकर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

इस साल महाकुंभ में श्रद्धालुओं की अद्वितीय संख्या और आस्था की गहराई ने इसे और भी ऐतिहासिक बना दिया है, और आने वाले दिनों में यह संख्या और भी बढ़ने की उम्मीद है।

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