May 1, 2026

PoK में तख्तापलट: शहबाज शरीफ की पार्टी ने समर्थन वापस लिया, अनवारुल हक की सरकार अल्पमत में

विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक उठापटक के बीच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सरकार गिरने के कगार पर

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में चौधरी अनवारुल हक की सरकार अब अल्पमत में आ गई है। यह सरकार शहबाज शरीफ की पीएमएल-एन के समर्थन पर चल रही थी, लेकिन पार्टी ने अचानक समर्थन वापस लेने का फैसला कर लिया। पीएमएल-एन के शीर्ष नेताओं ने शहबाज के आवास पर बैठक कर यह निर्णय लिया और आधिकारिक तौर पर ऐलान किया।

PoK में विधानसभा की कुल 53 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 27 विधायकों की आवश्यकता होती है। 2024 के चुनाव में पीटीआई ने 26 सीटें जीती थीं, लेकिन चौधरी अनवारुल हक ने अपनी पार्टी से बगावत कर दी और 20 विधायक उनके साथ हो गए। इसके बाद शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो ने उनका समर्थन किया था, लेकिन अब बिलावल पहले ही समर्थन वापस ले चुके हैं और शहबाज की पार्टी के समर्थन से भी सरकार अल्पमत में आ गई है। इसके चलते माना जा रहा है कि अनवारुल जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

राजनीतिक स्थिति को लेकर कहा जा रहा है कि बिलावल भुट्टो अब वहां अपनी सरकार बनाने की कोशिश में जुटे हैं। बिलावल और शहबाज के पास मिलकर 21 विधायक हैं, और दो छोटी पार्टियों के समर्थन से यह संख्या 23 तक पहुंच जाएगी। दोनों पक्षों की कोशिश है कि अल्पमत में आई सरकार के नाराज विधायकों को अपने साथ जोड़कर सत्ता में आएं।

हाल ही में PoK में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार, वीआईपी कल्चर और सरकार की जन विरोधी नीतियों को लेकर आक्रोश जताया। स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए पाकिस्तान सरकार को सेना तक उतारनी पड़ी। ये प्रदर्शन भी अनवारुल हक सरकार के गिरने की वजहों में शामिल माने जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि PoK में राजनीतिक स्थिरता फिलहाल खतरे में है और आने वाले दिनों में वहां सत्ता का बदलाव संभव है। शहबाज और बिलावल की रणनीति अब निर्णायक साबित होगी कि अगली सरकार कौन बनाएगा और सत्ता का असली नियंत्रण किसके हाथ में आएगा।

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