ब्रिटेन की 9 यूनिवर्सिटी भारत में खोलेंगी कैंपस, पीएम मोदी और कीर स्टार्मर ने ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन
भारत-ब्रिटेन संबंधों में नई दिशा, शिक्षा और व्यापार को बढ़ावा देने के कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मुंबई में गुरुवार को द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने ‘विजन 2030’ के तहत भारत-ब्रिटेन संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर भी साइन किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच आयात लागत कम होगी, व्यापार बढ़ेगा और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मोदी ने इसे भारत-यूके साझेदारी को नई ऊर्जा देने वाला कदम बताया।
शिक्षा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणा की गई। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिटेन की नौ यूनिवर्सिटीज अब भारत में अपना कैंपस खोलेंगी। यह कदम दोनों देशों के बीच शिक्षा और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अहम माना जा रहा है। इस पहल से भारतीय छात्रों को उच्च गुणवत्ता की ब्रिटिश शिक्षा देश में ही मिलने का अवसर मिलेगा।
मोदी और स्टार्मर ने संयुक्त बयान में कहा कि भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं। उनके संबंधों की नींव लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। वैश्विक अस्थिरता के दौर में यह बढ़ती साझेदारी आर्थिक प्रगति और वैश्विक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।
बैठक के दौरान भारत-ब्रिटेन सीईओ फोरम और ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल पर भी विचार साझा किए गए। दोनों नेता व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के सुझावों पर सहमत हुए और भविष्य में तकनीक, वित्त और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करने पर जोर दिया।
इस समझौते और नई पहल से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत और ब्रिटेन न सिर्फ व्यापारिक बल्कि शैक्षिक और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में भी मजबूत साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं।
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