प्रधानमंत्री मोदी के हर्षिल और मुखबा दौरे के लिए तैयार किया गया विशेष पहाड़ी परिधान, भेड़ की ऊन से बनी भेंडी कोट में दिखेगा लोकसंस्कृति का संगम!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी हर्षिल और मुखबा दौरे के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए पहाड़ी परिधान ने सबका ध्यान खींच लिया है। प्रधानमंत्री मोदी, जो अपने दौरे के दौरान हमेशा स्थानीय संस्कृति और परंपरा के साथ जुड़ने का प्रयास करते हैं, इस बार उत्तरकाशी की स्थानीय वेषभूषा में नजर आएंगे। इस वेषभूषा में खास तौर पर भेड़ की ऊन से बनी बादामी और स्लेटी रंग की भेंडी (कोट) और पहाड़ी टोपी शामिल हैं, जो उनके हर्षिल और मुखबा दौरे के दौरान पहनी जाएगी।

यह परिधान उत्तरकाशी के वीरपुर डुंडा नालंदा एसएचजी महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य भागीरथी नेगी द्वारा तैयार किया गया है, जबकि सुरेंद्र नैथानी ने इसकी सिलाई की है। भागीरथी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए दो बादामी और स्लेटी रंग के भेंडी कोट बनाए हैं, साथ ही सफेद रंग के दो पजामे भी तैयार किए गए हैं। पहाड़ी टोपी को भेंडी के रंग में डिफाइन किया गया है, जिसमें तिरंगे के केसरी, हरे और सफेद रंग की पट्टी के साथ बल के प्रतीकात्मक लाल रंग की पट्टी और ब्रह्मकमल का डिजाइन भी जोड़ा गया है।

आधुनिक तकनीक से तैयार पारंपरिक परिधान

भागीरथी नेगी ने बताया कि इस परिधान को भेड़ की ऊन से हाथ से कताई कर तैयार किया गया है, और इसमें किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया गया है। खास बात यह है कि इस परिधान की ऊन इतनी मुलायम है कि इसमें किसी प्रकार की चुभन का एहसास नहीं होता। यह परिधान केवल दस दिनों के भीतर तैयार किया गया, जो इसके निर्माण की गति और गुणवत्ता को दर्शाता है।

भागीरथी नेगी, जो किन्नौरी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं, ने भेड़ की ऊन से कपड़े तैयार करने का काम अपने पुश्तैनी काम के रूप में लिया है। वे लंबे समय से महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जनपद की स्थानीय वेषभूषा पहनने से भेंडी और ऊन के कपड़ों को वैश्विक पहचान मिल सकती है और स्थानीय हस्तशिल्प को एक नई ब्रांडिंग मिलेगी।

लोकसंस्कृति और ब्रांडिंग का अवसर

उत्तरकाशी जिले की यह लोकसंस्कृति और शिल्प कार्य प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में सामने आएगा। यह परिधान न केवल स्थानीय शिल्पकला को बढ़ावा देगा, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।

यह विशेष परिधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तरकाशी दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और संस्कृति के प्रति उनके सम्मान को भी दर्शाता है। पीएम मोदी के इस कदम से न केवल स्थानीय शिल्पकला को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तरकाशी और आसपास के क्षेत्रों की सांस्कृतिक धरोहर को भी सहेजने का अवसर मिलेगा।

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