पीएम मित्र पार्क में निवेशकों की बाढ़: हजारों करोड़ के MOU साइन, यूपी में औद्योगिक क्रांति की आहट!
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल और सरकार की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों का असर अब साफ दिखने लगा है। शनिवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘पीएम मित्र पार्क इन्वेस्टर्स मीट’ में देशभर के उद्यमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हजारों करोड़ रुपये के निवेश समझौतों (MOU) पर हस्ताक्षर किए। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार की ओर से उद्योगपतियों को प्रोत्साहन देने और उत्तर प्रदेश को औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता जाहिर की गई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री राकेश सचान सहित कई प्रमुख उद्यमी मौजूद रहे। इस दौरान उद्यमियों ने सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।
उद्यमियों ने जमकर किया निवेश, करोड़ों के समझौते पर हस्ताक्षर
इस इन्वेस्टर्स मीट के दौरान कई बड़े निवेशकों ने यूपी में अपने प्रोजेक्ट्स स्थापित करने के लिए समझौते किए। उद्यमी राजीव अग्रवाल ने 25 एकड़ जमीन लेकर एक प्रमुख टेक्सटाइल यूनिट स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि उन्हें 1.81 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है और आगे 70 लाख रुपये की और सब्सिडी जल्द मिलने वाली है।
राजीव अग्रवाल ने कहा,
“सरकार की नीतियों ने हमारे व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। पिछले आठ वर्षों में हमारा उत्पादन 20 करोड़ रुपये से बढ़कर 300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अधिकारियों का सहयोग इतना सक्रिय है कि वे खुद सब्सिडी के लिए संपर्क करते हैं।”
इसके अलावा, रमन जैन ने 750 करोड़ रुपये और कर्नल एस. कपूर ने 150 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए MOU पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों से न केवल प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
कानपुर में फिर बजेगी ‘मिलों की सीटी’
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि कभी टेक्सटाइल के लिए प्रसिद्ध कानपुर एक बार फिर औद्योगिक चमक लौटाने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा,
“कानपुर में कभी मिलों की सीटी और घंटे से समय का अंदाजा लगाया जाता था। अब पीएम मित्र पार्क की पहल से एक बार फिर यह क्षेत्र टेक्सटाइल हब बनने जा रहा है।”
मंत्री ने बताया कि कानपुर में 900 एकड़ जमीन पर टेक्सटाइल मशीन पार्क बनाने का प्रस्ताव है, जिसका जल्द ही प्रजेंटेशन तैयार कर सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पार्क से आयात पर निर्भरता कम होगी और प्रदेश का औद्योगिक विकास तेज गति से होगा।
42 सौ करोड़ का कुल निवेश, 700 करोड़ की LOC से नए अवसर
मंत्री राकेश सचान ने जानकारी दी कि अब तक 80 निवेशकों को लगभग 210 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। कुल निवेश की बात करें तो यह 4200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा, 44 निवेशकों को 700 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट (LOC) भी दी गई है, जिससे प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना की जाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से यूपी में निवेश का माहौल बेहतर
मंत्री ने बताया कि 2017 से अब तक यूपी में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों और लॉजिस्टिक्स हब्स के चलते यूपी अब निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा राज्य बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा,
“उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी अपने आप में एक विशाल बाजार है। यहां निवेशकों को निरंतर प्रोत्साहन और सब्सिडी दी जा रही है। सरकार की प्रतिबद्धता है कि हर निवेशक को हर संभव सहायता मिले, ताकि प्रदेश औद्योगिक क्रांति की दिशा में आगे बढ़े।”
टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री ने इस मौके पर एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अब सड़कों के निर्माण में टेक्सटाइल उत्पादों के इस्तेमाल की योजना शुरू की है। इससे टेक्सटाइल उद्योग को नया बाजार मिलेगा और कार्बन क्रेडिट के जरिए सरकार को भी आर्थिक लाभ होगा।
निवेशकों के भरोसे ने बदली यूपी की तस्वीर
कार्यक्रम में शामिल उद्यमियों ने एक सुर में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्रो-इंडस्ट्री पॉलिसी और निवेशकों को दी जाने वाली सहूलियतों के कारण प्रदेश में उद्योगों का नया युग शुरू हुआ है।
उद्यमी राजीव अग्रवाल ने कहा,
“हमारी कंपनी ने जब यूपी में निवेश किया था, तब उत्पादन 20 करोड़ रुपये था। आज यह 300 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। प्रदेश सरकार की मदद से हम भविष्य में इसे और विस्तार देंगे।”
आने वाले वर्षों में यूपी बनेगा औद्योगिक केंद्र
पीएम मित्र पार्क इन्वेस्टर्स मीट में हुए समझौतों से यह साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश देश का नया औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की नीतियों और निवेशकों के भरोसे से आने वाले वर्षों में प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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