बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में नामांकन प्रक्रिया ने रिकॉर्ड बना दिया है। कुल 121 सीटों के लिए 2,496 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। शुरुआती दिनों में जहां उम्मीदवारों की संख्या बेहद कम थी, वहीं आखिरी दो दिनों में नामांकन की रफ्तार इतनी तेज हुई कि आंकड़ा ढाई हजार तक पहुंच गया। केवल अंतिम 48 घंटों में ही दो हजार से अधिक उम्मीदवारों ने अपने-अपने पर्चे जमा कराए। हालांकि इनमें कई प्रत्याशियों ने एक से अधिक नामांकन दाखिल किए हैं, जिनकी जांच के बाद ही सही संख्या सामने आएगी।
राज्य में 10 अक्टूबर को पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी हुई थी और 17 अक्टूबर को नामांकन की अंतिम तिथि थी। राजनीतिक हलचल के बीच उम्मीदवारों ने अंतिम दिनों में ही मोर्चा संभाला। सीट बंटवारे में देरी ने नामांकन प्रक्रिया को प्रभावित किया। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी महागठबंधन दोनों ही देर तक आपसी सहमति बनाने में उलझे रहे। आखिरकार एनडीए ने देर से ही सही, लेकिन आपसी समझौते के बाद अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। वहीं महागठबंधन अभी भी सीटों के औपचारिक बंटवारे की घोषणा नहीं कर पाया है। इससे कई सीटों पर प्रत्याशियों को अंत समय में नामांकन दाखिल करना पड़ा।
पहले चरण की 121 सीटों में से 64 सीटों पर 20 से अधिक उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं, जबकि 9 सीटों पर यह संख्या 30 के पार पहुंच गई। औसतन हर विधानसभा सीट पर 20 से ज्यादा नामांकन हुए हैं। इनमें कई हाई-प्रोफाइल सीटें भी शामिल हैं — राघोपुर से तेजस्वी यादव, तारापुर से स्रमाट चौधरी, लखीसराय से विजय सिन्हा, मुंगेर से अनंत सिंह और अलीनगर से मैथिली ठाकुर जैसे नाम चुनावी चर्चा में हैं। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक नामांकन पत्रों की जांच आज शाम तक पूरी कर ली जाएगी।
राजधानी पटना का इलाका नामांकन के मामले में सबसे आगे रहा। पालीगंज विधानसभा सीट से सबसे ज्यादा 45 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है, जबकि वैशाली जिले की महनार सीट पर 40 नामांकन हुए हैं। इसके विपरीत गोपालगंज जिले की भोरे सीट और मुजफ्फरपुर की आरक्षित सकरा सीट पर सबसे कम—10-10 आवेदन दाखिल हुए। पालीगंज सीट पर महागठबंधन के तहत सीपीआई-एमएल-एल के संदीप सौरव और एनडीए की ओर से लोजपा (रामविलास) के सुनील कुमार के बीच कांटे का मुकाबला माना जा रहा है। यहां 6 नवंबर को मतदान होगा।
मुजफ्फरपुर (30), बक्सर (31), आरा (32), दिघा (32), खुरहनी (33), महुआ (33) और हयाघाट (35) जैसी सीटों पर भी नामांकन का आंकड़ा 30 से ऊपर पहुंचा है। अब स्क्रूटनी के बाद ही यह तय होगा कि कितने उम्मीदवार मैदान में रहेंगे। सोमवार, 20 अक्टूबर, नामांकन वापसी की आखिरी तारीख है। ऐसे में दिवाली तक यह साफ हो जाएगा कि पहले चरण में कितने प्रत्याशी किस सीट से मुकाबले में रहेंगे। बिहार की राजनीति में यह पहला मौका है जब इतने बड़े पैमाने पर नामांकन दाखिल हुए हैं, जिससे आगामी चुनाव में कड़ा और दिलचस्प मुकाबला तय माना जा रहा है।
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