90 साल के मौलाना की दूसरी शादी बनी समाज के लिए मिसाल, बेटों ने मिलकर पूरा किया पिता का सपना
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के शिंगाला जिले से एक बेहद अनोखी और प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहां 90 वर्षीय मौलाना सैफुल्लाह ने अपने चार बेटों की मौजूदगी में दूसरी शादी रचाई। खास बात यह रही कि इस शादी की पूरी योजना उनके बेटों ने ही बनाई और उन्होंने अपने पिता की नई जिंदगी की शुरुआत में उनका पूरा साथ दिया। मौलाना की पहली पत्नी की मौत के बाद वह अकेलापन महसूस करने लगे थे, जिसे देखते हुए उनके बेटों ने यह फैसला लिया। शादी में मौलाना ने अपनी दुल्हन को मैहर में एक तोला सोना भेंट किया, जिससे यह शादी और भी चर्चा में आ गई।
यह घटना समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और उनकी भावनात्मक जरूरतों को प्राथमिकता देने का एक अनूठा उदाहरण बन गई है। परिवार के इस कदम को आस-पास के लोग प्रगतिशील और मानवीय करार दे रहे हैं। लोगों का मानना है कि यह विवाह यह दिखाता है कि प्यार और साथ की कोई उम्र नहीं होती और नई शुरुआत किसी भी समय की जा सकती है। मौलाना सैफुल्लाह और उनके बेटों ने मिलकर समाज की उस सोच को चुनौती दी है जो मानती है कि बुढ़ापे में केवल अकेलापन और संन्यास ही जीवन का हिस्सा होते हैं।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी काफी ध्यान खींचा है और लोग इसे ‘सम्मान और प्रेम की मिसाल’ बता रहे हैं। यह कहानी न सिर्फ पाकिस्तान में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रेरणा बन गई है। ऐसा ही एक और मामला 2024 की शुरुआत में केन्या से सामने आया था, जहां 95 साल के बुजुर्ग ने अपनी 90 वर्षीय प्रेमिका से शादी की थी। उन्होंने बताया कि वे 1960 में मिले थे और आखिरकार चर्च में जाकर अपने प्यार को विवाह का नाम दिया। इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि जीवन के हर पड़ाव पर प्रेम और साथ की अहमियत होती है और अगर परिवार साथ खड़ा हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
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