ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस में ही घमासान, मनीष तिवारी ने जताई नाराजगी
पाकिस्तान के खिलाफ भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में बहस जारी है, लेकिन इस बीच कांग्रेस पार्टी के भीतर ही असंतोष की लहर दौड़ गई है। खासकर उन वरिष्ठ नेताओं को चर्चा से दूर रखने पर सवाल उठने लगे हैं, जो पहलगाम हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रख चुके हैं।
चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर जैसे वरिष्ठ नेता संसद में इस बहस में शामिल नहीं किए गए, जिससे नाराजगी खुलकर सामने आई है। मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक खबर का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा – “है प्रीत जहां की रीत सदा, मैं गीत वहां के गाता हूं, भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं। जय हिंद।” उनके इस तंज से यह साफ हो गया कि वह पार्टी की रणनीति से खुश नहीं हैं।
शशि थरूर भी पहले ही इस उपेक्षा को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने सोमवार को ‘मौन व्रत’ कहकर अपनी चुप्पी को प्रतीकात्मक विरोध में बदला था। थरूर और तिवारी दोनों ही नेता उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे हैं, जिसने विदेशों में भारत की कार्रवाई को सही ठहराया और पाकिस्तान की साजिशों को बेनकाब किया।
इस मुद्दे पर बीजेपी ने भी चुटकी ली है। बीजेपी नेता बैजयंत जय पांडा ने कहा, “कांग्रेस में अच्छे वक्ता हैं, जैसे शशि थरूर, लेकिन पार्टी उन्हें बोलने नहीं दे रही।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि थरूर जैसे नेता जब चुप कराए जाते हैं, तो यह कांग्रेस के भीतर की आंतरिक खींचतान को दर्शाता है।
फिलहाल संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बहस गरमाई हुई है, और अब कांग्रेस के अंदर उठी आवाजें इस राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकती हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से पार्टी के वरिष्ठ नेता खुद सामने आकर नाराजगी जता रहे हैं, उससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद उजागर हो गए हैं।
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