पेट में बार-बार दर्द होना आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है, जिसे अक्सर लोग गैस, थकान या गलत खानपान का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह दर्द बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक बना रहता है, तो यह शरीर के भीतर किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक पेट का दर्द केवल असहजता नहीं, बल्कि शरीर की एक चेतावनी है, जिसे समझना और समय रहते इलाज कराना बेहद जरूरी है। कई बार यह दर्द हल्का होता है, लेकिन धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगता है।
अक्सर पेट दर्द के साथ अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, जैसे पेट में जलन, भारीपन, उलटी जैसा मन होना, भूख न लगना, बार-बार दस्त या कब्ज की शिकायत, पेट फूलना, कमजोरी और थकान महसूस होना। कुछ मामलों में चक्कर आना या सिरदर्द भी हो सकता है। अगर पेट दर्द इतना बढ़ जाए कि कामकाज करना मुश्किल हो जाए या दर्द रोजाना होने लगे, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। ऐसे लक्षण बताते हैं कि शरीर के भीतर कुछ गड़बड़ चल रही है और उसे नजरअंदाज करना आगे चलकर गंभीर बीमारी की वजह बन सकता है।
आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, पेट में बार-बार दर्द कई बीमारियों का लक्षण हो सकता है। इसमें इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS), सूजन आंत्र रोग (IBD), गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग (GERD), सीलिएक रोग, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और बैक्टीरियल संक्रमण शामिल हैं। इसके अलावा पित्ताशय की पथरी, अपेंडिसाइटिस, पैनक्रिएटाइटिस, किडनी स्टोन और पेप्टिक अल्सर जैसी गंभीर स्थितियों में भी पेट दर्द बार-बार हो सकता है। कई बार तनाव, अत्यधिक चिंता, हर्निया या फूड एलर्जी जैसे लैक्टोज इनटोलरेंस भी पेट दर्द की बड़ी वजह बन जाते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि गलत खानपान, अनियमित दिनचर्या, ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन, पर्याप्त पानी न पीना और लंबे समय तक तनाव में रहना पेट से जुड़ी समस्याओं को और बढ़ा देता है। ऐसे में बचाव के लिए संतुलित आहार लेना, समय पर भोजन करना, हल्की एक्सरसाइज या रोजाना टहलना बेहद फायदेमंद होता है। योग और ध्यान से तनाव कम किया जा सकता है, जिससे पेट से जुड़ी कई समस्याओं में राहत मिलती है। खाने के तुरंत बाद लेटने से बचना और रात का खाना जल्दी करना भी जरूरी है।
अगर पेट में दर्द लगातार बना रहे, घरेलू उपायों से ठीक न हो या दर्द के साथ उलटी, दस्त में खून, अचानक वजन कम होना, तेज कमजोरी या असहनीय दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में पेट दर्द को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते जांच और सही इलाज से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। शरीर के संकेतों को समझना और सही समय पर डॉक्टर की सलाह लेना ही स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है।
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