आजकल हाई ब्लड प्रेशर यानी हाई बीपी की समस्या तेजी से बढ़ रही है और कम उम्र के लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। लगातार तनाव, खराब नींद, जंक फूड, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और स्क्रीन टाइम बढ़ना इसके मुख्य कारण हैं। इसी के मद्देनज़र अमेरिकी कार्डियोलॉजी संस्थान AHA और ACC ने ब्लड प्रेशर के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नई गाइडलाइन पिछले नियमों से बहुत हद तक मिलती-जुलती है, लेकिन इसमें ब्लड प्रेशर की कैटेगरी और इलाज के तरीकों को और स्पष्ट किया गया है, ताकि लोग समय रहते समस्या को पहचान सकें।
नई गाइडलाइन के अनुसार, 120/80 mmHg से नीचे का ब्लड प्रेशर पूरी तरह से नॉर्मल माना गया है। 120-129 को Elevated यानी हाई बीपी की शुरुआती चेतावनी दी गई है, इसमें दवा की जरूरत नहीं होती, बस लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह दी जाती है। 130-139 को Stage 1 Hypertension कहा गया है, यहां डॉक्टर पहले लाइफस्टाइल सुधार की सलाह देते हैं और अगर हार्ट रिस्क अधिक हो तो दवाएं भी शुरू की जा सकती हैं। 140/90 mmHg से ऊपर Stage 2 Hypertension यानी गंभीर हाई बीपी माना जाता है और इसमें तुरंत दवा और निगरानी की आवश्यकता होती है।
नई गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि दवाओं की शुरुआत जल्दी करनी चाहिए, खासकर उन मरीजों में जिन्हें हार्ट का जोखिम ज्यादा है। इसके साथ ही लाइफस्टाइल बदलाव जैसे एक्सरसाइज, वजन कंट्रोल, नमक कम करना, पैक्ड फूड से बचना, रोजाना 30 मिनट वॉक या योग करना, और घर पर ब्लड प्रेशर मॉनिटर करना अत्यंत जरूरी है। इससे शुरुआती स्तर पर ही हाई बीपी को कंट्रोल किया जा सकता है।
तनाव मैनेजमेंट भी इस गाइडलाइन का अहम हिस्सा है। नींद सुधारना, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। हाई-रिस्क मरीजों के लिए BP के मानक और भी कड़े रखे गए हैं ताकि हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी रोग की आशंका कम हो।
एक्सपर्ट बताते हैं कि नई गाइडलाइन से हाई ब्लड प्रेशर की पहचान जल्दी होगी और इससे हार्ट डिजीज, किडनी की समस्या और स्ट्रोक के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। युवा वर्ग में खराब लाइफस्टाइल और तनाव सबसे बड़ी वजह है, इसलिए नियमित मॉनिटरिंग और स्वस्थ आदतें बनाना बेहद जरूरी है।
ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए रोजाना 30 मिनट तेज वॉक या योग करें, नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें, नींद 7-8 घंटे लें, कैफीन और धूम्रपान से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन अपनाएं।
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