लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर फेज-2 का आज लोकार्पण, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ करेंगे जनता को समर्पित
Lucknow में बहुप्रतीक्षित ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का आज दोपहर 2 बजे लोकार्पण किया जाएगा। केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath इस परियोजना को जनता को समर्पित करेंगे। लोकार्पण समारोह Jhulelal Park में आयोजित होगा, जहां मंच और कुर्सियों की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहेंगे। इससे पहले गुरुवार शाम को ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ पहुंच गए थे, जहां डिप्टी सीएम Brajesh Pathak ने उनका स्वागत किया।
गोमती नदी के दोनों किनारों पर विकसित किया जा रहा ग्रीन कॉरिडोर कुल 57 किलोमीटर लंबी परियोजना है, जिसे चार चरणों में तैयार किया जा रहा है। इस कॉरिडोर को आधुनिक शहरी यातायात को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें चौड़ी मल्टी-लेन सड़कें, अलग-अलग लेन, हरियाली और सुगम आवागमन के लिए आधुनिक व्यवस्था शामिल है। परियोजना का उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और लोगों को तेज व सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण में समतामूलक चौराहे से निशातगंज तक करीब 130 करोड़ रुपए की लागत से तीन प्रमुख विकास कार्य किए गए हैं। इनमें कुकरैल नदी पर 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह-लेन का पुल बनाया गया है, जिस पर करीब 45 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसके अलावा कुकरैल से निशातगंज के बीच 1.10 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा बंधा और सड़क निर्माण का कार्य करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया गया है। इसी तरह निशातगंज में भी 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह-लेन का पुल बनाया गया है, जिस पर लगभग 45 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
कॉरिडोर के निर्माण के दौरान हनुमान सेतु से गोमती पुल निशातगंज मार्ग तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है। सड़क चौड़ी होने से निशातगंज और कुकरैल चौराहे के आसपास यातायात व्यवस्था काफी बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही यह कॉरिडोर पुराने और नए लखनऊ के बीच दूरी को कम करेगा। कॉरिडोर के किनारे हर्टिकल्चर और सुंदरीकरण के भी विशेष कार्य किए गए हैं, जिससे यह मार्ग शहर की सुंदरता को भी बढ़ाएगा।
ग्रीन कॉरिडोर का दूसरा चरण गोमतीनगर के समतामूलक चौक से निशातगंज होते हुए हनुमान सेतु डालीगंज तक बनाया गया है। यहां छह लेन की सड़क तैयार की गई है और दोनों ओर करीब 11.50 मीटर चौड़ाई रखी गई है। निशातगंज क्षेत्र में नया चौराहा भी बनाया गया है, जिससे यातायात का संचालन अधिक सुगम होगा। इसके शुरू होने से शहर के करीब पांच लाख लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल औपचारिक उद्घाटन से पहले कॉरिडोर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर कंक्रीट डिवाइडर लगाकर रास्ता बंद रखा गया है।
दूसरे चरण में तीन प्रमुख चौराहों का निर्माण भी किया गया है। पहला चौराहा समता मूलक से करीब आधा किलोमीटर आगे कुकरैल पुल की ओर बनाया गया है। दूसरा चौराहा पेपर मिल कॉलोनी के पास निशातगंज की ओर तैयार किया गया है, जो सीधे हनुमान सेतु रोड से जुड़ता है। तीसरा चौराहा हनुमान सेतु पर बनाया गया है, जो पक्के पुल से कनेक्ट होता है। इसके अलावा पूरे कॉरिडोर को आधुनिक लाइटों से सजाया गया है, जिससे रात के समय भी सुरक्षित और बेहतर आवागमन संभव होगा।
ग्रीन कॉरिडोर बनने से निशातगंज, डालीगंज, समतामूलक, बादशाहनगर और आसपास के इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। भारी ट्रैफिक अब गोमती किनारे बने इस कॉरिडोर से सीधे निकल सकेगा, जिससे शहर की अंदरूनी सड़कों पर दबाव कम होगा। शहरवासियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से लखनऊ में यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
इस योजना के पहले चरण का लोकार्पण 11 मार्च 2024 को किया गया था, जिसमें आईआईएम रोड से पक्का पुल डालीगंज तक 16.8 किलोमीटर लंबा पुल बनाया गया था और इस पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। अब दूसरे चरण के लोकार्पण के साथ ही तीसरे और चौथे चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा। लगभग 1220 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले ये चरण डालीगंज से शहीद पथ और आगे शहीद पथ से किसान पथ तक कॉरिडोर को जोड़ेंगे, जिससे भविष्य में लखनऊ के यातायात नेटवर्क को और मजबूती मिलेगी।
Share this content:
