यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शुद्ध लाभ में 29.95 फीसदी की वृद्धि: दूसरी तिमाही में 5,537 करोड़ रुपये रहा मुनाफा

लखनऊ। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बेहतर वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक के शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 29.95 फीसदी की वृद्धि हुई है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों को बैंक के निदेशक मंडल ने मंजूरी दे दी है। बैंक के वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ बढ़कर 5,537 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि इससे पिछली तिमाही यानी जून 2026 में समाप्त अवधि के दौरान बैंक ने 5,332 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। इस अवधि में बैंक की ब्याज आय 28,158 करोड़ रुपये रही। बैंक के कुल कारोबार में सालाना आधार पर 12.01 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो बैंक के कारोबार विस्तार और ऋण वितरण में बढ़ोतरी को दर्शाती है।

कुल कारोबार 24.75 लाख करोड़ रुपये के पार

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कुल कारोबार में वृद्धि के साथ ही अग्रिमों और जमा राशि में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 30 सितंबर, 2026 तक बैंक का कुल कारोबार बढ़कर 24,75,330 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान सकल अग्रिमों में सालाना आधार पर 18.53 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि कुल जमा राशि में 6.87 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। बैंक की वैश्विक जमा राशि 13,19,455 करोड़ रुपये रही। जमा आधार में वृद्धि बैंक के संसाधनों और ग्राहक जमा में विस्तार को दर्शाती है। वहीं, ऋण वितरण में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि से बैंक के अग्रिम कारोबार को भी मजबूती मिली है।

रैम क्षेत्र में 14.65 फीसदी की वृद्धि, एमएसएमई अग्रिमों में तेजी

बैंक के रिटेल, कृषि और एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र से जुड़े रैम कारोबार में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में रैम क्षेत्र के अग्रिमों में सालाना आधार पर 14.65 फीसदी की वृद्धि हुई। इसमें रिटेल अग्रिमों में 11.24 फीसदी और एमएसएमई अग्रिमों में 22.39 फीसदी की बढ़ोतरी शामिल है। घरेलू अग्रिमों में रैम क्षेत्र की हिस्सेदारी 57.47 फीसदी रही। आंकड़ों के अनुसार, एमएसएमई अग्रिमों में दर्ज वृद्धि इस क्षेत्र में बैंक की ऋण गतिविधियों के विस्तार को दर्शाती है। रैम क्षेत्र में बढ़ोतरी के साथ बैंक के घरेलू ऋण पोर्टफोलियो में खुदरा ग्राहकों और छोटे-मझोले कारोबारों की महत्वपूर्ण भूमिका बनी हुई है।

सकल एनपीए में 87 आधार अंकों की गिरावट

वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के अंत में बैंक का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात 87 आधार अंकों की गिरावट के साथ 2.42 फीसदी पर आ गया। वहीं, शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनएनपीए) अनुपात 0.42 फीसदी रहा। सकल और शुद्ध एनपीए के ये आंकड़े बैंक के ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता को दर्शाते हैं। शुद्ध लाभ में वृद्धि, कुल कारोबार का विस्तार, अग्रिमों में बढ़ोतरी और एनपीए अनुपात में कमी के साथ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में अपनी वित्तीय स्थिति में मजबूती दर्ज की है।

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