इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रस्तावित भारत यात्रा एक बार फिर स्थगित कर दी गई है। दिसंबर 2025 में होने वाला यह दौरा सुरक्षा कारणों के चलते टाल दिया गया है। इज़राइली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नई दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा को फिलहाल आगे बढ़ाने की सलाह दी। राजधानी में एक दशक से अधिक समय में यह सबसे घातक हमला बताया जा रहा है, जिसमें 10 लोगों की मौत और कई घायल हुए थे। इसी घटना ने सुरक्षा ढाँचे पर गंभीर सवाल उठाए और उच्चस्तरीय यात्राओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
यह लगातार तीसरी बार है जब नेतन्याहू की भारत यात्रा किसी न किसी कारण से टल गई। इससे पहले सितंबर 2025 में उन्होंने अपनी एक दिन की यात्रा चुनावी कार्यक्रम के टकराव के कारण रद्द कर दी थी, जब 17 सितंबर को इज़राइल में दोबारा चुनाव होने थे। इससे पहले अप्रैल में भी चुनावी माहौल और राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण उनकी यात्रा स्थगित की गई थी। दिसंबर में प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां चल रही थीं, लेकिन दिल्ली हमले के बाद सुरक्षा मूल्यांकन ने तस्वीर बदल दी और इस बार भी प्रधानमंत्री का दौरा आगे खिसक गया।
इज़राइल के राजनीतिक हलकों में इस यात्रा को महज कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नेतन्याहू की अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा था। हाल ही में इज़राइल में लगे चुनावी पोस्टरों में नेतन्याहू को विश्व नेताओं—भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन—के साथ दिखाया गया था। यह संदेश देने की कोशिश थी कि नेतन्याहू वैश्विक नेताओं की प्रथम पंक्ति में खड़े हैं और उनके अंतरराष्ट्रीय संबंध इज़राइल की सुरक्षा व रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इज़राइली मीडिया का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियाँ दिल्ली विस्फोट के बाद स्थिति पर करीबी नज़र बनाए हुए हैं। भारत और इज़राइल, दोनों के बीच सुरक्षा सहयोग को देखते हुए ऐसी यात्राओं में उच्चतम सतर्कता बरती जाती है। सूत्रों का कहना है कि नेतन्याहू का भारत दौरा पूरी तरह रद्द नहीं हुआ है, बल्कि सुरक्षा आकलन पूरा होने के बाद इसे अगले साल किसी नई तारीख पर तय किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, नई तारीख कब घोषित होगी, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियाँ स्थिति के स्थिर होने का इंतज़ार कर रही हैं।
यह यात्रा दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी, साइबर सुरक्षा और मध्य पूर्व की वर्तमान परिस्थिति जैसे कई अहम विषय इस दौरे की प्राथमिकताओं में शामिल थे। ऐसे में दौरे का स्थगित होना भले ही अस्थायी हो, लेकिन यह संकेत देता है कि दिल्ली हमले ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक कार्यक्रमों पर भी सीधा प्रभाव डाला है। अब दोनों देश सुरक्षा परिस्थितियों का पुनर्मूल्यांकन करेंगे और हालात सामान्य होते ही दौरे की नई घोषणा की जाएगी।
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