हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह का अंतिम संस्कार: इजरायल का खतरनाक फ्लाईओवर, लाखों की भीड़ और 78 देशों की भागीदारी
लेबनान की राजधानी बेरूत में रविवार को हिजबुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह को श्रद्धांजलि देने के लिए एक भव्य और भावुक अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किया गया। नसरल्लाह को अपनी मौत के लगभग 5 महीने बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया, और इस आयोजन में दुनिया भर से लाखों लोग एकत्र हुए। बेरूत के कैमिली हचामौन स्पोर्ट्स सिटी स्टेडियम में जमा हुए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने हिजबुल्लाह नेता को श्रद्धांजलि दी और उनकी वीरता को याद किया।
इस दौरान, समारोह की शांति में खलल डालते हुए, इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों के जरिए सीजफायर का उल्लंघन किया और अंतिम संस्कार के ऊपर उड़ान भरकर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। इन विमानों का उड़ान भरना न केवल एक सैन्य इशारा था, बल्कि यह इजरायल के सुरक्षा मंत्री कैट्ज़ के बयान का भी प्रत्यक्ष रूप था। उन्होंने खुलकर कहा कि “इस समय हसन नसरल्लाह के अंतिम संस्कार के ऊपर बेरूत के आसमान में चक्कर लगा रहे इजराइली वायु सेना के जेट एक साफ संदेश भेज रहे हैं।” यह संदेश नसरल्लाह और उनके समर्थकों के लिए था, जिनके अनुसार “जो कोई भी इजराइल को नष्ट करने की धमकी देगा, उसका अंत यही होगा।”
हालांकि, इस धमकी के बावजूद, नसरल्लाह के अंतिम संस्कार में श्रद्धालुओं का हौसला बिल्कुल भी नहीं टूटा। स्टेडियम में हिजबुल्लाह के झंडों और शहीदों की तस्वीरों के साथ शोक मनाने वालों की भारी भीड़ दिखी, जिन्होंने बिना डर के नसरल्लाह को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दृढ़ संकल्प और साहस लेबनान में प्रतिरोध के प्रति अडिग समर्थन का प्रतीक था।
इस आयोजन में केवल लेबनान से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से करीब 78 देशों के प्रतिनिधि और आम लोग शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार, इस अंतिम संस्कार समारोह में वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व भागीदारी देखी गई। बेरूत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई, विशेषकर इराक और तुर्की से, और शहर के होटलों में 90 प्रतिशत तक बुकिंग हुई, जो इस आयोजन के अंतर्राष्ट्रीय महत्व को स्पष्ट करता है।
ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अरागची और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इस समारोह में भाग लिया। इसके अलावा, नेल्सन मंडेला के पोते समेत कई अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों ने भी इस ऐतिहासिक मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस श्रद्धांजलि समारोह के दौरान, हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम ने नसरल्लाह की विरासत को जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हिजबुल्लाह दृढ़ रहेगा और नसरल्लाह द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का वादा किया।
इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया कि हिजबुल्लाह और उसके समर्थकों का साहस और प्रतिबद्धता अब भी उतनी ही मजबूत है, जितना पहले था, और वे किसी भी प्रकार के दबाव या धमकियों से विचलित नहीं होने वाले हैं।
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