Mutual Fund SIP ने दिखाई ताकत: गिरते बाजार में भी निवेशकों की बढ़ी कमाई
Subheading: पिछले एक साल में जहां लार्जकैप फंड में एकमुश्त निवेश करने वालों को हुआ नुकसान, वहीं SIP निवेशकों को मिला औसतन 9% तक फायदा
पिछले एक साल में शेयर बाजार ने निवेशकों को खासा निराश किया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 6% की गिरावट देखने को मिली, जिससे एकमुश्त निवेश करने वालों की दौलत घट गई। लेकिन इसी बीच म्यूचुअल फंड में SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए निवेश करने वालों ने शानदार रिटर्न हासिल किया। आंकड़े बताते हैं कि जहां एकमुश्त निवेश करने वालों को लगभग 6% तक का घाटा हुआ, वहीं SIP निवेशकों को औसतन 4% से लेकर 9% तक का फायदा मिला।
बाजार में लगातार बिकवाली से गहराया संकट
विशेषज्ञों के मुताबिक, बीते साल भारतीय बाजार विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली का शिकार रहे। एफआईआई ने हाई वैल्यूएशन और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता का हवाला देते हुए भारतीय शेयरों से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये तक निकाल लिए। नतीजतन, पिछले एक साल में बाजार में 6% से अधिक की गिरावट आई। इस नुकसान की सबसे बड़ी मार लार्जकैप फंड में निवेश करने वालों को झेलनी पड़ी। कई निवेशकों ने 10% तक का नुकसान उठाया।
SIP ने दिया सुरक्षा कवच
इसी दौरान SIP करने वाले निवेशकों को बाजार की गिरावट ने ज्यादा प्रभावित नहीं किया। इसका कारण ‘रुपी कॉस्ट एवरेजिंग’ है। जब बाजार गिरा, SIP के जरिए हर महीने की तय निवेश राशि से कम दाम पर ज्यादा यूनिट्स खरीदी गईं। जैसे-जैसे बाजार ऊपर-नीचे होता रहा, निवेशकों का औसत लागत मूल्य घटता गया और लंबे समय में रिटर्न बेहतर होते गए। उदाहरण के लिए, निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड ने SIP निवेशकों को 9% तक रिटर्न दिया, जबकि एकमुश्त निवेशकों को उसी फंड से नुकसान हुआ।
लार्जकैप फंड्स की स्थिति
ईटी की रिपोर्ट बताती है कि बीते एक साल में 32 लार्जकैप फंड्स का विश्लेषण किया गया। इसमें से केवल एक फंड—मोतीलाल ओसवाल लार्जकैप—ने एकमुश्त निवेशकों को मामूली 2.2% का फायदा दिया। बाकी सभी में नुकसान दर्ज किया गया। सबसे खराब प्रदर्शन जेएम लार्जकैप फंड का रहा, जिसने एकमुश्त निवेशकों को 10.6% तक का घाटा दिया। हालांकि, यही फंड SIP निवेशकों के लिए भी घाटे से उबारने में सक्षम रहा और लगभग 0.5% का पॉजिटिव रिटर्न दिया।
जानकारों की राय
विशेषज्ञ मानते हैं कि SIP बाजार की अस्थिरता में भी निवेशकों को सुरक्षित और अनुशासित निवेश का विकल्प देता है। कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट के CIO हर्ष उपाध्याय के अनुसार, SIP रिस्क को कम करने में मदद करता है और लंबी अवधि में स्थिर रिटर्न दिलाता है। उनका कहना है कि एकमुश्त निवेश शुरुआती वैल्यूएशन पर निर्भर रहता है, जबकि SIP निवेशक अलग-अलग प्राइस लेवल पर खरीदारी कर लाभ कमाते रहते हैं। यही कारण है कि बाजार में मंदी के बावजूद SIP निवेशकों की दौलत बढ़ी।
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