मुरादाबाद: मुस्लिम बैंड संचालकों को हिंदू देवी-देवताओं के नाम हटाने का आदेश, सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद पुलिस हरकत में
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में धार्मिक विवाद से जुड़ा एक मामला सामने आया है। यहां मुस्लिम समुदाय के कुछ बैंड संचालकों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के नाम पर बैंड कंपनी चलाने को लेकर आपत्ति जताई गई। इस संबंध में पाकबड़ा निवासी वकील शेबी शर्मा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि एक विशेष समुदाय के लोग बैंडबाजे का व्यवसाय करते हैं, लेकिन बैंड कंपनियों के नाम हिंदू देवी-देवताओं पर रखे गए हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
शिकायत सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। पुलिस ने सभी बैंड संचालकों को बुलाकर इस मामले में बातचीत की और मुस्लिम संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने बैंड से हिंदू देवी-देवताओं के नाम तुरंत हटा दें। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संचालकों ने आश्वासन दिया है कि वे नाम बदलने को तैयार हैं ताकि आगे किसी तरह का विवाद न खड़ा हो।
हालांकि, इस बीच बैंड कंपनी संचालक अकील ने अपनी ओर से सफाई पेश की है। उन्होंने बताया कि उनकी बैंड कंपनी का नाम “शर्मा बैंड” है और यह 25 सालों से चल रहा है। अकील के मुताबिक, यह बैंड वे अकेले नहीं चलाते बल्कि उनके पार्टनर वेद प्रकाश शर्मा भी इसमें बराबरी के हिस्सेदार हैं। ऐसे में इसे लेकर धार्मिक आपत्ति का कोई कारण नहीं होना चाहिए। अकील ने कहा कि शिकायतकर्ता को इस साझेदारी की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने यह आपत्ति दर्ज कराई।
अकील ने यह भी बताया कि वे इस मामले को लेकर एसपी सिटी के ऑफिस गए थे। वहां शिकायत पत्र भी देखा गया और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सात–आठ अन्य बैंड संचालकों के साथ वे भी पुलिस के बुलावे पर गए थे और अपनी बात सामने रखी। बैंड कंपनी के पार्टनर वेद प्रकाश शर्मा खुद हिंदू हैं और नाम उन्हीं के आधार पर रखा गया है।
वहीं, मुरादाबाद पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने ऑफ द रिकॉर्ड बताया कि शिकायत आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से उनके पास पहुंची है और दोनों पक्षों की बात सुनी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और इसका समाधान जल्द ही निकाल लिया जाएगा। फिलहाल सभी संचालकों ने आश्वासन दिया है कि यदि आवश्यक हुआ तो वे नाम बदल देंगे ताकि धार्मिक सौहार्द बना रहे।
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