April 17, 2026

अलवर: भतीजे पर झूठा रेप का आरोप लगाने वाली महिला को 20 साल जेल, सबूत ने पलटी पूरी कहानी

राजस्थान के अलवर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भतीजे पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला को ही अदालत ने दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुना दी। मामला तिजारा थाना क्षेत्र का है। महिला ने अपने नाबालिग भतीजे पर रेप का गंभीर आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस जांच और सबूतों ने पूरी कहानी का सच उजागर कर दिया। अदालत ने इसे समाज के लिए शर्मसार करने वाला कृत्य बताया और महिला को दोषी मानते हुए लंबी कैद की सजा दी।

सरकारी वकील प्रशांत यादव ने बताया कि 11 अगस्त 2024 को महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका नाबालिग भतीजा छह महीने से उसका रेप कर रहा है और फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देता है। शुरुआत में मामला गंभीर प्रतीत हुआ और पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। लेकिन जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे महिला की कहानी संदिग्ध लगने लगी।

पुलिस ने जब दोनों की कॉल डिटेल्स निकालीं तो पाया गया कि महिला और उसके भतीजे के बीच छह महीने में 832 बार बातचीत हुई थी। साथ ही यह भी पता चला कि जिस समय रेप होने की बात कही गई, उस दौरान भतीजा नाबालिग था। जांच में यह भी सामने आया कि अक्सर घरवालों की गैरमौजूदगी में महिला ही भतीजे को अपने घर बुलाती थी। इन सबूतों ने साफ कर दिया कि मामला रेप का नहीं बल्कि उल्टा था और महिला ने झूठा आरोप लगाया था।

इन सबूतों और गवाहों को अदालत में पेश किया गया। पॉक्सो कोर्ट नंबर-4 की जज हिमांकनी गौड़ ने कहा कि चाची का दर्जा मां समान होता है और महिला का यह कृत्य समाज को शर्मसार करने वाला है। अदालत ने महिला को दोषी मानते हुए 20 साल की कैद की सजा सुनाई। इस दौरान महिला गर्भवती थी और अब उसका नौ महीने का बेटा है। अदालत ने महिला की अर्जी स्वीकार करते हुए बच्चे को भी उसके साथ जेल में रहने की अनुमति दे दी।

इस मामले ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर झूठे आरोपों ने एक निर्दोष नाबालिग को फंसाने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर अदालत ने न्याय करते हुए यह संदेश दिया कि झूठ और साजिश कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सच सामने आकर ही रहता है। यह फैसला उन सभी के लिए सबक है, जो झूठे केस दर्ज करवाकर कानून का दुरुपयोग करते हैं।

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