कुवैत से भारत लाया गया फरार अपराधी मुन्नावर खान, बैंक ऑफ बड़ौदा से धोखाधड़ी का आरोप
सीबीआई को एक बड़ी सफलता मिली है। फरार अपराधी मुन्नावर खान को कुवैत से भारत लाया गया है। हैदराबाद एयरपोर्ट पर उसे सीबीआई ने अपनी हिरासत में लिया। मुन्नावर खान पर बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी करने का गंभीर आरोप है। बताया जाता है कि इस मामले की जांच सीबीआई, एसटीबी चेन्नई ने वर्ष 2011 में शुरू की थी। जांच के दौरान सबूत सामने आने के बाद मुन्नावर पर शिकंजा कसना तय था, लेकिन कार्रवाई से पहले ही वह विदेश भाग गया था। अदालत ने उसे फरार घोषित कर दिया था।
दरअसल, बैंक ऑफ बड़ौदा धोखाधड़ी मामले में आरोपी मुन्नावर खान लंबे समय से सीबीआई की तलाश में था। फरारी के दौरान वह कुवैत में छिपा हुआ था। सीबीआई ने फरवरी 2022 में इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी कराया। इसी कार्रवाई के बाद कुवैत पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और अब भारत सरकार के सहयोग से उसे वापस भारत लाया गया। सीबीआई अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह कार्रवाई इंटरपोल चैनल्स और कुवैत प्रशासन की मदद से संभव हो पाई।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुन्नावर खान जैसे आर्थिक अपराधियों की तलाश में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सीबीआई ने इंटरपोल चैनलों के जरिए 130 से ज्यादा फरार अपराधियों को वापस भारत लाने में सफलता हासिल की है। मुन्नावर की गिरफ्तारी इसी कड़ी की एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। सीबीआई अब उससे पूछताछ कर रही है, ताकि धोखाधड़ी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब किसी बड़े फरार अपराधी को विदेश से भारत लाया गया हो। हाल ही में हरियाणा का कुख्यात और मोस्ट वांटेड गैंगस्टर मैनपाल बादली भी कंबोडिया से भारत लाया गया था। उस पर हत्या समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे और वह विदेश से अपनी गैंग को संचालित कर रहा था। इसी तरह की कार्रवाई से अपराधियों में भय का माहौल बनाया जा रहा है।
मुन्नावर खान का मामला आर्थिक अपराधों की श्रेणी में आता है, लेकिन इस तरह की धोखाधड़ी के व्यापक असर को देखते हुए एजेंसियां अब बेहद सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से बैंक धोखाधड़ी जैसे अपराधों में शामिल अन्य आरोपी भी जल्द बेनकाब होंगे। अदालत में पेश किए जाने के बाद मुन्नावर खान से आगे की पूछताछ की जाएगी और उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तेज होगी। इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत की जांच एजेंसियां आर्थिक अपराधियों को किसी भी हाल में बचने नहीं देंगी।
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