नरेंद्र मोदी अपने काम करने के अलग अंदाज और नई परंपराओं की शुरुआत के लिए जाने जाते हैं। अब उन्होंने केंद्रीय कैबिनेट बैठकों में एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत आधिकारिक एजेंडे के साथ-साथ मंत्रियों से उनके मंत्रालय से जुड़ी “गुड न्यूज” साझा करने को कहा जाता है। इस पहल का उद्देश्य शासन प्रणाली में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और मंत्रालयों के कार्यों में नवाचार को प्रोत्साहित करना बताया जा रहा है। कैबिनेट की बैठकों में इस नई परंपरा के जरिए प्रधानमंत्री न केवल सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हैं, बल्कि अच्छे कार्यों और उपलब्धियों को सामने लाने पर भी जोर देते हैं।
कैबिनेट की साप्ताहिक बैठकों में पहले से तय एजेंडे पर चर्चा के अलावा सप्ताहभर के प्रमुख घटनाक्रमों की भी समीक्षा की जाती है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े अहम मुद्दों पर मंत्रियों से फीडबैक लेते हैं और जरूरी सुझाव भी मांगते हैं। आधिकारिक चर्चा समाप्त होने के बाद अनौपचारिक सत्र में आमतौर पर सकारात्मक खबरें साझा की जाती हैं, जिससे बैठक का माहौल हल्का-फुल्का और प्रेरणादायक बन सके। इस प्रक्रिया के माध्यम से सरकार के भीतर बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
बताया जाता है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव 2024 के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने इस पहल को नियमित रूप से लागू किया। इसके तहत हर कैबिनेट बैठक में मंत्री अपने मंत्रालय की किसी उपलब्धि, नई योजना, सुधारात्मक कदम या प्रेरक व्यक्तिगत अनुभव को ‘गुड न्यूज’ के रूप में साझा करते हैं। इससे मंत्रालयों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और बेहतर प्रदर्शन की भावना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस पहल के तहत कई दिलचस्प उदाहरण भी सामने आए हैं। एक बैठक के दौरान जब प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से ‘गुड न्यूज’ पूछी तो केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने पिता बनने की खुशखबरी साझा की। वहीं, एक अन्य मंत्री ने जानकारी दी कि उनके मंत्रालय से जुड़े घाटे में चल रहे एक सरकारी उपक्रम को सुधारात्मक कदमों के जरिए कुछ ही महीनों में करीब 100 करोड़ रुपये के मुनाफे में लाया गया। इस तरह की उपलब्धियों को साझा करने से अन्य मंत्रालयों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
कैबिनेट बैठकों में शिक्षा, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़क, आईटी और रेलवे जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी उपलब्धियों को भी मंत्री सकारात्मक खबर के रूप में प्रस्तुत करते हैं। जानकारी के अनुसार इस पहल के पीछे प्रधानमंत्री मोदी की सोच मंत्रालयों को पारंपरिक ढर्रे से हटकर काम करने, नई योजनाओं को लागू करने और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में तेजी लाने की है। सरकार का मानना है कि सकारात्मक सोच और नवाचार को बढ़ावा देकर प्रशासनिक व्यवस्था में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं और जनता के जीवन में ठोस बदलाव लाया जा सकता है।
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