भूटान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव के तहत कालचक्र अभिषेक समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और पूर्व राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक भी मौजूद रहे। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने कहा कि यह आयोजन दुनिया भर के बौद्ध समुदाय के लिए एकता और शांति का प्रतीक है।
भूटान में 15 दिन तक चलने वाला यह वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव बौद्ध धर्म की सभी परंपराओं — थेरवाद, महायान और वज्रयान — को एक साथ जोड़ता है। इस महोत्सव में बौद्ध धर्म के अनुयायी बुद्ध के उपदेशों और अवशेषों के सम्मान में एकत्र होते हैं और विश्व शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना करते हैं। भूटान के राजा स्वयं इस आयोजन की मॉनिटरिंग करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत-भूटान के संबंधों को और मजबूत करने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। मोदी यहां भूटान के राजा के 70वें जन्मदिन समारोह में शामिल होंगे और दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग एवं पुनाटसांगचू-2 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट जैसी परियोजनाओं पर समझौते को अंतिम रूप देंगे। इस दौरे को भारत की पड़ोसी नीति के तहत एक कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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