महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की स्मृति को चिरस्थायी रूप देने के लिए बारामती में एक स्मारक बनाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। यह स्मारक बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के परिसर में उसी स्थान पर प्रस्तावित है, जहां अजित पवार का अंतिम संस्कार किया गया था। विद्या प्रतिष्ठान पवार परिवार द्वारा स्थापित एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है और बारामती के सामाजिक-शैक्षणिक विकास का अहम केंद्र माना जाता है।
इस स्मारक की योजना शरद पवार के निर्देश पर तैयार की जा रही है। अजित पवार के करीबी और पवार परिवार के लंबे समय से विश्वासपात्र रहे किरण गुजर ने इस प्रस्ताव की जानकारी दी है। उनके अनुसार, शरद पवार ने अजित पवार की पत्नी प्रतिभा पवार के साथ अंतिम संस्कार स्थल का दौरा किया था और वहीं विद्या प्रतिष्ठान के ट्रस्टियों को स्मारक की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। यह स्मारक न केवल एक श्रद्धांजलि होगा, बल्कि अजित पवार के सार्वजनिक जीवन और योगदान को भी प्रतीकात्मक रूप से दर्शाएगा।
किरण गुजर ने बताया कि स्मारक के डिजाइन, लेआउट और संरचना को लेकर जल्द ही ट्रस्टियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। सभी पहलुओं पर सहमति बनने के बाद निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की योजना है। स्मारक को ऐसा स्वरूप देने पर विचार किया जा रहा है, जो अजित पवार के राजनीतिक, सामाजिक और विकासात्मक योगदान को प्रतिबिंबित कर सके, खासकर बारामती क्षेत्र में उनके द्वारा कराए गए कार्यों को।
अजित पवार को बारामती के विकास का प्रमुख वास्तुकार माना जाता रहा है। दशकों तक यह क्षेत्र पवार परिवार का राजनीतिक गढ़ रहा और कृषि, शिक्षा, सिंचाई व बुनियादी ढांचे के विकास में अजित पवार की भूमिका अहम मानी जाती है। स्मारक के माध्यम से उनके इसी विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बारामती और महाराष्ट्र की राजनीति में उनके योगदान को याद रखा जा सके।
इसी बीच, अजित पवार के निधन के कुछ ही दिनों बाद राजनीतिक घटनाक्रम भी तेजी से बदला है। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। उन्हें आबकारी, खेल और अल्पसंख्यक विकास जैसे विभाग सौंपे गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में वह बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं, जिससे पवार परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में नया अध्याय जुड़ सकता है।
Share this content:
