May 3, 2026

सड़क पर अंडे बेचे, ड्राइवर बने – फिर कॉमेडी से हिला दी इंडस्ट्री, आज भी ज़िंदा हैं यादों में महमूद

हिंदी सिनेमा में अगर कॉमेडी की बात हो और महमूद अली का नाम न लिया जाए, तो यह चर्चा अधूरी रह जाती है। महमूद वो कलाकार थे, जिन्होंने अपनी अभिनय क्षमता और हास्य की तीव्र समझ से सिर्फ दर्शकों को नहीं, बल्कि सुपरस्टार्स को भी पीछे छोड़ दिया। लेकिन उनका यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। एक वक्त था जब वह मुंबई की सड़कों पर अंडे बेचते थे, ड्राइवरी करते थे और कैमरे के पास रहने के लिए क्लीनर तक बनने को तैयार थे।

महमूद का जन्म एक फिल्मी परिवार में हुआ था, उनके पिता मुमताज अली बॉम्बे टॉकीज के अभिनेता और डांसर थे। लेकिन शराब की लत ने उनके पिता का करियर डुबो दिया और घर की जिम्मेदारी महमूद पर आ गई। खुद को और परिवार को पालने के लिए महमूद ने घुड़सवारी ट्रेनर, टेबल टेनिस कोच, ड्राइवर जैसे कई छोटे-बड़े काम किए।

बॉलीवुड में उन्होंने जूनियर आर्टिस्ट के रूप में बिना नाम वाले किरदार निभाने शुरू किए। धीरे-धीरे उन्होंने हास्य अभिनय में ऐसी पकड़ बनाई कि उनकी मौजूदगी ही फिल्म की USP बन गई। उस दौर में धर्मेंद्र जैसे बड़े सितारे भी कह चुके थे – “ये वो कॉमेडियन था जिससे हीरो डरता था।”

महमूद ने अमिताभ बच्चन के संघर्ष के दिनों में उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें ‘बॉम्बे टू गोवा’ जैसी फिल्म में ब्रेक देकर एक नई राह दी। एक इंटरव्यू में महमूद ने मजाक में कहा था कि वह कैमरे के पास रहने के लिए स्टूडियो में कोई भी काम करने को तैयार थे – स्पॉट बॉय से लेकर सफाईकर्मी तक।

23 जुलाई 2004 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी फिल्में, संवाद और अंदाज़ आज भी लोगों को हंसने पर मजबूर करते हैं। महमूद सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं – मेहनत, आत्मबल और जुनून की मिसाल।

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